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CM visit In Amzera : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अमझेरा, मिथ्या तोड़ कर लगाएंगे विराम….ढ़ाई घंटे रुकेंगे अमझेरा

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मिथ्या – अब तक पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान, कमलनाथ, भूपेश बघेल पहली बार आए…..लेकिन माताजी के दर्शन बिना किए लौटे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 माह में दूसरी बार अमझेरा में, 20 वर्ष पुरानी तहसील बनने की मांग फिर से उठी

गोपाल खंडेलवाल

Amzera. आज दोपहर 2.30 बजे प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव अमझेरा की धरा पर 5 महीने में लगातार दूसरी बार पहुंच कर वर्षों पुरानी दंश मिथ्या का विराम लगाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहां करीब ढाई घंटे रुककर बड़ी सौगात प्रदान करेंगे। उज्जैन महाकाल के बाद अब पौराणिक शहीद नगर अमझेरा अब इतिहास के पन्नो में कहावत नहीं बल्कि उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

यह वहीं तीर्थ है, जहां द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण के चरण और माता रुक्मणि का विवाह हुआ। इसे आज प्रदेश में उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। अमझेरा नगर में वर्षों पुरानी मिथ्या है कि एक बार जो यहां सीएम आता है, वह दूसरी बार सीएम बनकर नहीं लौटता। लेकिन 5 माह पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमझेरा आए और आज दूसरी बार पुनः अमझेरा पहुंच कर मिथ्या को विराम लगाएंगे।

बताया जाता है कि इस तरह की मिथ्या किसी रिकॉर्ड दर्ज में नहीं है, बल्कि बोलचाल के माध्यम से जिले से लेकर राजधानी भोपाल तक बोली जाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अनूठी पहल पर इस बार पूरे प्रदेश कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के रूप में मनाई जा रही है। अमझेरा में भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी के विवाह से जुड़ा स्थल होने से पहली बार यहां भव्य रूप से उत्सव मनाया जा रहा है।

बिना दर्शन कर लौटे थे अनेक मुख्यमंत्री

बताया जाता है कि अब तक अमझेरा में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, उमा भारती, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, कमलनाथ पहली बार आए थे, लेकिन बिना माताजी के दर्शन कर लौट गए थे। सबसे बड़ी बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री अमझेरा तो आए, लेकिन मां अमका-झमका तीर्थ पर बिना दर्शन लौट गए। हाल में बड़े उदाहरण हैं जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गंधवानी से सभा कर कार से अमझेरा से होकर इंदौर लौटे रहे थे, इस दौरान माताजी मंदिर के सामने चौहान का काफिला गुजारा ग्रामीणों ने दर्शन का आग्रह सड़क पर खड़े होकर किया। लेकिन मंत्री चौहान नहीं रुके, यहां से जाने के बाद सीएम नहीं बन पाए। इसी तरह पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी राहुल गांधी की आमसभा में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। आमसभा अमका-झमका तीर्थ से महज 500 मीटर दूर हुई थी, लेकिन कमलनाथ और साथ में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दोनों मुख्यमंत्री बिना दर्शन कर लौट गए। कुछ दिन बाद दोनों मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा। अब पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अमझेरा आए, सबसे पहले श्री कृष्ण-रुक्मिणी हरण स्थल मां अमका-झमका पहुंचे और पांच माह में दूसरी बार पहुंचकर मिथ्या को विराम लगा रहे है।

20 वर्ष पुरानी तहसील की घोषणा फिर जागी आस

वर्ष-2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अमझेरा के समीप इंदौर-अमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर विकास यात्रा लेकर मंगोद फाटे आए थे। इस दौरान अमझेरा को तहसील की सौगात बोलकर घोषणा की थी। अब अमझेरा तहसील कहलाएगी, लेकिन तब से आज तक सिर्फ टप्पा बनकर सिमट गया। वर्तमान में पुलिस थाने के समीप तहसील टप्पा संचालन हो रह है। भौगोलिक दृष्टि से अमझेरा तहसील बनने के लिए उपयुक्त है, क्योंकि नगर से सरदापुर, गंधवानी, तिरला, धार तहसील के अनेक गांव व्यापार व्यवसाय, अनाज खरीदी-बिक्री से जुड़ा है। इसलिए यह तहसील बनने के लिए यह उचित है। पिछले 10 दिनों से अमझेरा को तहसील बनने की मांग सोशल मीडिया पर लगातार नगरवासियों द्वारा की जा रही है, वहीं निजी स्कूल के विद्यार्थी भी अपील कर मुख्यमंत्री से लगातार मांग कर रहे है।



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बिखरौन में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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जहर खाकर सुसाइड की आशंका, 1 महीने पहले ही हुई थी शादी

धार। ग्राम बिखरौन में एक नवविवाहिता की जहरीला पदार्थ के सेवन से मौत हो गई। धामनोद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिखरौन निवासी मीनाक्षी की शादी लगभग एक महीने पहले मनावर निवासी संजय निगवाल से हुआ था। शादी के बाद मीनाक्षी अपने मायके बिखरौन आई हुई थी।

मंगलवार को अज्ञात कारणों से मीनाक्षी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल धामनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने मीनाक्षी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल धार रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत धामनोद पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर धामनोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। बुधवार को पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी के एक माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से परिवार सदमे में है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। धामनोद पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और मौत के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

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मांडू के जंगलों में मिली सिर कुचली लाश मामले का खुलासा……पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

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जंगल में ले जाकर उतारा मौत के घाट, नातरे के विवाद में पत्थर से कुचलकर की थी निर्मम हत्या

धार। पर्यटन नगरी मांडू क्षेत्र के उण्डाखो के जंगलों में मिली अज्ञात लाश के अंधे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है, पूरा मामला नातरा प्रथा करवने के नाम पर एक युवक को बुलाकर सिर कुचलकर बेरहमी से हत्‍या करने का निकला है, पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है।

जंगलों में मिली थी पत्थरों से कुचली लाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 अप्रैल को उण्डाखो के घने जंगलों में ग्रामीणों को एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिला था। हत्यारे ने पहचान छुपाने के इरादे से मृतक का चेहरा और सिर पत्थरों से बुरी तरह कुचल दिया था। माण्डव पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और अज्ञात आरोपी के खिलाफजघन्य हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

तकनीकी साक्ष्यों से हुई मृतक की पहचान
केस अंधा था और पुलिस के पास न तो मृतक की पहचान थी और न ही कातिल का कोई सुराग। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी धार सचिन शर्मा, एएसपी विजय डावर और एसडीओपी धामनोद मोनिका सिंह के मार्गदर्शन में माण्डव थाना प्रभारी इंदलसिंह रावत की टीम और साइबर सेल धार ने जाल बिछाया। घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सबसे पहले मृतक की पहचान भेरूलाल पिता मूलचंद मुनिया निवासी मुल्थान थाना बदनावर के रूप में हुई।

फिर जंगल में ले जाकर उतारा मौत के घाट
पुलिस की कड़ाई से की गई विवेचना में सच सामने आया, जांच में पता चला कि आरोपी करण पिता तेरसिंह बघेल निवासी पिपलीमाल, हाल मुकाम बामनपुरी ने योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था। 4 अप्रैल को आरोपी करण ने भेरूलाल को नातरा प्रथा करवाने का लालच देकर बदनावर से बस द्वारा धार बुलाया। करण खुद मोटरसाइकिल लेकर धार पहुंचा और भेरूलाल को बैठाकर माण्डव होते हुए बामनपुरी अपने घर ले गया।

नातरे को लेकर दोनों में हुआ था विवाद
बामनपुरी में दोनों के बीच नातरे की बात को लेकर विवाद हो गया। गुस्साए करण ने भेरूलाल को ठिकाने लगाने उसे उण्डाखो के सुनसान जंगलों में ले गया और पत्थरों से पीट-पीटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी करण बघेल को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को जिला जेल धार भेज दिया गया है।

इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में माण्डव थाना प्रभारी निरीक्षक इंदलसिंह रावत, एएसआई भेरूसिंह देवड़ा, प्रधान आरक्षक मनोहर निंगवाल, आरक्षक जितेंद्र कन्नोजे, आरक्षक सुशील किराड़े, महिला आरक्षक सपना जमरे और धार साइबर सेल की सराहनीय भूमिका रही।

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एमपीआईडीसी ने हज़ार्गों इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित भूखंडों का आवंटन निरस्त किया

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नियमों के उल्लंघन और भीषण अग्निकांड के बाद लिया कड़ा फैसला, पीथमपुर में अत्यधिक प्रदूषण फैलाने के गंभीर आरोप

धार। मध्य प्रदेश की प्रमुख औद्योगिक नगरी पीथमपुर में नियमों के विपरित संचालित हो रही कंपनी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम ने एक बड़ा कदम उठाते हुए हज़ार्गों इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किए गए भूखंडों का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। कंपनी पर लीज डीड की शर्तों का उल्लंघन करने, स्वीकृत कार्य के स्थान पर अवैध व अनधिकृत गतिविधियां चलाने और परिसर में अत्यधिक प्रदूषण फैलाने के गंभीर आरोप हैं।

भीषण अग्निकांड हुआ था
दरअसल, इसी साल 21 अप्रैल को हज़ार्गों इंडस्ट्रीज के परिसर में एक बेहद भीषण आग लग गई थी। इस आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि उन्होंने आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी अपनी चपेट में ले लिया था। उस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम और अग्निशमन दल ने व्यापक स्तर पर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर स्थिति पर काबू पाया था। इस घटना के बाद से ही औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और पर्यावरण नियमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे।

जांच में खुली पोल
अग्निकांड के बाद एमपीआईडीसी द्वारा मामले की विस्तृत समीक्षा और जांच की गई। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आया कि कंपनी को जिस औद्योगिक गतिविधि के लिए जमीन दी गई थी, उसकी आड़ में परिसर के भीतर अवैध और अनधिकृत काम किए जा रहे थे। परिसर में ऐसी अत्यधिक प्रदूषणकारी गतिविधियां संचालित हो रही थीं, जो औद्योगिक क्षेत्र के नियामकीय प्रावधानों का सीधा उल्लंघन थीं। मामले पर कार्रवाई करते हुए एमपीआईडीसी के अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन का आवंटन केवल स्वीकृत और पर्यावरण-अनुकूल कार्यों के लिए ही किया जाता है। औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और वैधानिक नियमों का पालन करना हर आवंटित इकाई की अनिवार्य जिम्मेदारी है। किसी भी परिस्थिति में अवैध या प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश में सुरक्षित और नियमबद्ध औद्योगिक विकास सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसी डिफाल्टर कंपनियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

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