इंदौर संभाग
बड़वानी के किसान का कमाल : 55 गोवंश और आधुनिक तकनीक से बदली खेती की तस्वीर
इंटरक्रॉपिंग मिश्रित खेती को अपनाकर आय के साथ बढ़ाई मिट्टी की उर्वरता
अंजड़ बड़वानी। खेती में बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के दौर में बड़वानी जिले के ग्राम मंडवाड़ा के किसान बाबूलाल काग एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं। उन्होंने ‘प्राकृतिक खेती’ और ‘इंटरक्रॉपिंग’ मिश्रित खेती को अपनाकर न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी पुनर्जीवित किया है।

‘गोवंश’ को बनाया आधार
बाबूलाल पहले पारंपरिक रसायनों और खाद पर निर्भर थे, जिससे उपज तो ठीक थी लेकिन खर्च बहुत अधिक होता था। कृषि विभाग से मिले प्रशिक्षण के बाद उन्होंने प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाए। आज उनके पास 50 से 55 गोवंश हैं।

तकनीक और प्रकृति का बेजोड़ संगम
काग ने खेती को आधुनिक रूप देने के लिए नवाचार का सहारा लिया है गोबर और गोमूत्र को बायोगैस प्लांट की स्लरी के साथ एक बड़े टैंक में एकत्रित किया जाता है। खाद को खेत तक पहुँचाने के लिए उन्होंने सेंसर तकनीक वाले मड पंप का उपयोग किया है, जिससे खाद का छिड़काव समान और प्रभावी तरीके से होता है।

बाबूलाल ने खेत के हर इंच का सदुपयोग किया है। वे एक साथ कई फसलें ले रहे हैं जिसमें गेहूं और केला। बागवानी में आम, पपीता और तरबूज और हल्दी के साथ-साथ विभिन्न मौसमी सब्जियाँ शामिल है। इस मॉडल का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यदि एक फसल का बाजार भाव कम भी रहे, तो दूसरी फसल से उसकी भरपाई हो जाती है। यदि प्राचीन प्राकृतिक पद्धतियों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ दिया जाए, तो खेती को कम लागत में एक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। आज वे पूरे बड़वानी जिले के किसानों के लिए एक एग्रो-आइकन बन चुके हैं।
प्राकृतिक खेती मिट्टी को जीवित रखती है और किसान को महंगे खाद-बीज के कर्ज के जाल से मुक्त करती है- श्री बाबूलाल काग
इंदौर संभाग
बुरहानपुर में साइबर सेल ने खोज निकाले 13 लाख के 70 मोबाइल, मालिकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
धार, खरगोन सहित पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के भी हिस्से से बरामद किए मोबाईल फोन
बुरहानपुर। मोबाइल गुम होने पर उम्मीद छोड़ चुके लोगों के लिए बुरहानपुर पुलिस उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। जिला पुलिस की साइबर सेल ने गुम हुए 70 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल कीमत लगभग 13 लाख रुपये आंकी गई है।
संचार सारथी पोर्टल बना मददगार
एसपी देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में साइबर सेल ने केंद्र सरकार के ‘संचार सारथी’ पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया। पिछले तीन महीनों के भीतर गुम हुए इन मोबाइलों को ट्रैक करने के लिए पुलिस ने तकनीकी निगरानी का सहारा लिया। बरामद किए गए फोन में 10 अलग-अलग प्रतिष्ठित कंपनियों के हैंडसेट शामिल हैं, जिनमें से कई की व्यक्तिगत कीमत 40 हजार रुपये से अधिक है।
साइबर सेल की टीम ने इन मोबाइलों को केवल जिले तक सीमित न रहकर मध्य प्रदेश के धार, खरगोन, अलीराजपुर सहित पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से बरामद किया। टीम के निरंतर फॉलोअप और तकनीकी कुशलता के कारण इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद करना संभव हो पाया।
लोगों ने कहा था भूल जाओ, पर खाकी पर था भरोसा
मोबाइल वापस पाकर मालिकों के चेहरे खिल उठे। एक पीड़ित महिला ने अपना अनुभव साझा करते हुए एसपी देवेंद्र पाटीदार से कहा, “जब मेरा फोन गुम हुआ तो लोगों ने कहा कि अब इसे भूल जाओ, यह वापस नहीं मिलेगा। लेकिन मुझे अखबारों में आपकी टीम की सफलता की खबरें पढ़कर पुलिस पर पूरा भरोसा था।
एसपी की अपील….तुरंत करें शिकायत
एसपी देवेंद्र पाटीदार ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत CEIR पोर्टल पर जानकारी दर्ज करें। उन्होंने कहा मोबाइल गुम होने से न केवल आर्थिक क्षति होती है, बल्कि डेटा के दुरुपयोग का खतरा भी रहता है। तत्काल सूचना देने से फोन के अनाधिकृत उपयोग को रोका जा सकता है और बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।
इस महत्वपूर्ण रिकवरी में साइबर सेल के आरक्षक दुर्गेश पटेल, सत्यपाल बोपचे, ललित चौहान और शक्ति सिंह तोमर की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस की इस तत्परता ने एक बार फिर साबित किया है कि तकनीकी सतर्कता और दृढ़ इच्छाशक्ति से अपराध और असुविधा पर लगाम लगाई जा सकती है।
इंदौर संभाग
इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर नाबालिग को ले भागा युवक, रतलाम पुलिस ने 48 घंटे में किया दस्तयाब
सोशल मीडिया अकाउंट्स का विश्लेषण और सायबर सेल की की मदद से ट्रैक की गई नाबालिग
जावरा। रतलाम पुलिस ने इंस्टाग्राम के माध्यम से नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले मामले में औद्योगिक क्षेत्र जावरा पुलिस ने बालिका को बरामद कर लिया है।
बीती 5 मार्च को जावरा के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत एक पिता ने अपनी नाबालिग पुत्री के अचानक लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी के अनुसार कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर कहीं ले गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध दर्ज कर विवचेना में लिया था।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में बनी विशेष टीम ने जब जांच शुरू की तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। आरोपी ने नाबालिग से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की थी और उसे अपने जाल में फंसाकर साथ ले गया था। निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान के नेतृत्व वाली टीम ने सोशल मीडिया अकाउंट्स का तकनीकी विश्लेषण किया। साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रैक की। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। जिसके के चलते पुलिस ने घटना के मात्र 2 दिन के अंदर ही बालिका को सुरक्षित ढूंढ निकाला। फिलहाल पुलिस मामले में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर रही है।
इंदौर संभाग
झाबुआ पुलिस ने हाईवे पर व्यापारी से हुई 40 लाख की डकैती का 24 घंटे में किया खुलासा
40 लाख के सोने-चांदी के आभूषण जप्त कर 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
झाबुआ। झाबुआ पुलिस ने हाईवे पर हुई डकैती के मामले में 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने राजस्थान के एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से लूटा गया करीब 11.400 किलोग्राम वजनी चांदी और सोने के जेवरात बरामद किए हैं। जब्त किए गए मशरूका की कुल कीमत 40 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है।
दिनदहाड़े वारदात से फैली थी सनसनी
5 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे फुलमाल तिराहे के पास हुई थी। मेघनगर के जेवरात व्यापारी पूनमचंद चौहान जब अपना कीमती माल लेकर झाबुआ की ओर जा रहे थे, तभी घात लगाए बैठे अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। बदमाशों ने व्यापारी के साथ मारपीट की और गहनों से भरा बैग छीनकर रफूचक्कर हो गए। हाईवे पर हुई इस लूट से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।

सीसीटीवी और तकनीक ने घेरा आरोपियों को
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शिव दयाल सिंह ने तत्काल तीन विशेष टीमों का गठन कर नाकाबंदी के निर्देश दिए। पुलिस ने हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध ईको कार आरजे 17यूए 8516 नजर आई। तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी राजस्थान की ओर भागे हैं। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए घेराबंदी की और चार आरोपियों को धर दबोचा।
राजस्थान के झालावाड़ से जुड़ा गिरोह
पकड़े गए आरोपी पेशेवर अपराधी हैं, जो राजस्थान के झालावाड़ जिले के आवर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने मामले में शहाबुद्दीन (29) पिता इकबाल मोहम्मद, शाहरुख (21) पिता मनसुर अली, राहुल (25) पिता घनश्याम, जयश (26) पिता अनिल जैन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चांदी के आभूषण 32 लाख 50 हजार, सोने के आभूषण 1 लाख रुपए के साथ एक वारदात में उपयोग की गई कार को जप्त किया है। ।
कार्रवाई में एसडीओपी रूपरेखा यादव, कोतवाली प्रभारी आर.सी. भास्करे और साइबर टीम की मुख्य भूमिका रही। एसपी ने पूरी टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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