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धार

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जयसूर्या पर महिला से मारपीट, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी के आरोप

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भाजपा मंडल अध्यक्ष बोली – धमक‍ियों के डर से दो सालों तक दूसरे शहरों में भटके, प्रभाव के कारण पुलिस भी नही कर रही मदद

गांव वापस लौटे तो बोले – भैया अब प्रदेश के नेता बन गए, यहां रहकर दिखाओं

धार। सरदारपुर तहसील के लाबरिया-राजोद क्षेत्र की भाजपा मंडल अध्यक्ष आशा शर्मा ने अपनी ही पार्टी के नवनियुक्त भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष जयसूर्या व उनके साथियों पर मारपीट, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। सोमवार को महिला अपने पति के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और एसपी के नाम एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरुकर को एक आवेदन सौंपा।

दो सालों तक दूसरे शहरों में भटके दंपत्ति
पीड़िता आशा शर्मा ने आवेदन में बताया कि विवाद की शुरुआत जून 2024 में एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी। 6 जून 2024 को जयसूर्या और उनके साथियों ने उनके घर पहुंचकर गाली-गलौज और मारपीट की थी। इसके बाद अज्ञात नंबरों से फोन पर घर जलाने और गांव छोड़ने की धमकियां दी गईं। पीड़िता का कहना है कि इन प्रभावशाली नेताओं के खौफ के कारण उन्हें और उनके पति को अपना गांव छोड़कर दो सालों तक दूसरे शहरों में आजीविका के लिए भटकना पड़ा।

भैया अब प्रदेश के नेता बन गए, यहां रहकर दिखाओं
एसपी को सौंपे गए आवेदन में आशा शर्मा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जयसूर्या और उनके परिजन अपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उनके खिलाफ थानों में कई प्रकरण दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों के राजनीतिक रसूख के चलते राजोद थाना पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। हाल ही में जब वे गांव वापस लौटीं, तो उन्हें दोबारा धमकाया गया कि भैया अब प्रदेश के नेता बन गए हैं, अब यहां रहकर दिखाओ। महिला ने बताया कि जय सुर्या और उसका अंकल सुन‍ि‍ल सुर्या एवं दीपक फेमस अपराधिक प्रवृत्‍त‍ि के लोग है, इनके खिलाफ बदनावर सहित कई थानों में प्रकरण पंजीबद्ध है, यह लिस्‍टेड गुंडे है। सुनिल सुर्या रतलाम जिले का हिस्‍ट्रीशीटर है।

एसपी कार्यालय के बाहर देंगी धरना
आशा शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान नहीं की गई, तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने धरने पर बैठने को मजबूर होंगी। उन्होंने अपनी और अपने पति की जान को गंभीर खतरा बताया है।

कोई महिला कार्यालय आई थी और आवेदन देकर गई है। हम उस आवेदन का अध्ययन कर रहे हैं कि मामला क्या है। जहां तक जयसूर्या पर लगे आरोपों का सवाल है, मुझे नहीं लगता कि भाजपा का कोई कार्यकर्ता ऐसा काम करता है। फिर भी यदि कोई गलतफहमी है तो उसे दूर किया जाएगा और मामले को दिखवाया जाएगा – महंत निलेश भारती, जिला अध्यक्ष, भाजपा धार

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झाबुआ जिला अस्पताल में धार की बहू ने बिना ऑपरेशन के दिया तीन बेटियों को जन्म

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मां और तीनों बच्‍चों की सेहत में लगातार हो रहा सुधार, डॉक्‍टर बोले – ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्‍प

धार, झाबुआ। जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उत्कृष्ट सूझबूझ और कुशलता के चलते एक महिला ने बिना किसी जटिल ऑपरेशनके सामान्य प्रसव के जरिए एक साथ तीन स्वस्थ बेटियों को जन्म दिया। वर्तमान में मां और तीनों नवजात बच्चियां पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्‍प : प्राप्त जानकारी के अनुसार धार जिले के ग्राम कुशलपुरा की निवासी श्रीमती रीना पति सुकराम जिनका मायका झाबुआ का गोपालपुरा है को प्रसव पीड़ा होने पर झाबुआ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गर्भ में तीन बच्चे होने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था। आमतौर पर ऐसे मामलों में डॉक्टर सिजेरियन ऑपरेशन का ही विकल्प चुनते हैं, लेकिन यहाँ की मेडिकल टीम ने अपनी काबिलियत और धैर्य का परिचय देते हुए पूरी तरह सामान्य और सफल प्रसव कराया।

चिकित्सकों के अनुसार, जन्म लेने वाली तीनों बेटियों का वजन अलग-अलग है पहली बेटी: 1.2 किलोग्राम, दूसरी बेटी: 1.3 किलोग्राम, तीसरी बेटी: 1.8 किलोग्राम कम वजन होने के कारण पहली और दूसरी बच्ची को एहतियात के तौर पर एनआईसीयू शिशु गहन चिकित्सा इकाई में विशेष डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। वहीं, 1.8 किलो वजन वाली तीसरी बेटी पूरी तरह सामान्य होकर वार्ड में अपनी मां के पास है। डॉक्टरों ने बताया कि चारों की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।

इस बेहद चुनौतीपूर्ण प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में झाबुआ जिला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिष्ठा चौहान, नर्सिंग ऑफिसर मंजू निनामा और हिमानी खतरकर सहित लेबर रूम के पूरे स्टाफ की मुख्य भूमिका रही।

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धामनोद में नर्मदा पुल से कूदकर आत्‍महत्‍या की कोशिश कर रहे अधेड़ को पुलिस ने बचाया

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डायल-112 की एफआरवी गाड़ी सूचना मिलते की चंद मिनटों में पहुंची, परिजनों के सुपुर्द किया

धार। मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा की तत्परता और सूझबूझ से एक व्यक्ति की जान बच गई। खलघाट स्थित नर्मदा नदी के बड़े पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक 45 वर्षीय अधेड़ को पुलिस स्टाफ ने ऐन वक्त पर पहुंचकर सुरक्षित बचा लिया।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्‍त जानकारी के अनुसार 112 कंट्रोल रूम को एक आपातकालीन सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि खलघाट स्थित नर्मदा ब्रिज पर एक व्यक्ति खड़ा है और नदी में कूदकर अपनी जान देने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी गाड़ी तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस कर्मियों ने बिना एक पल गंवाए घटना स्थल पर पहुंचकर तत्परता दिखाई और आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्ति को सूझबूझ से सुरक्षित पकड़ लिया।

परिजनों के सुपुर्द किया
पुलिस पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम राकेश म्हाले निवासी ऊन जिला खरगोन बताया। डायल-112 स्टाफ व्यक्ति को सुरक्षित बचाकर धामनोद थाने लेकर आया, जहां पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया। इसके बाद थाने में व्यक्ति की उचित काउंसलिंग की गई और उसे सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। अपनों को सही-सलामत पाकर परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।

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बिखरौन में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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जहर खाकर सुसाइड की आशंका, 1 महीने पहले ही हुई थी शादी

धार। ग्राम बिखरौन में एक नवविवाहिता की जहरीला पदार्थ के सेवन से मौत हो गई। धामनोद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिखरौन निवासी मीनाक्षी की शादी लगभग एक महीने पहले मनावर निवासी संजय निगवाल से हुआ था। शादी के बाद मीनाक्षी अपने मायके बिखरौन आई हुई थी।

मंगलवार को अज्ञात कारणों से मीनाक्षी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल धामनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने मीनाक्षी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल धार रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत धामनोद पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर धामनोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। बुधवार को पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी के एक माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से परिवार सदमे में है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। धामनोद पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और मौत के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

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