धार
मुस्कान अभियान के तहत 8 साल की अपहृत बालिका को पुलिस टीम ने मुंबई से सुरक्षित बचाया
800 से अधिक सीसीटीवी फुटेल खंगाले, महाराष्ट्र के पनवेल के चिल्ड्र्न होम से मिली बालिका
धार। पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे मुस्कान विशेष अभियान के तहत सेक्टर नम्बर 01 पीथमपुर पुलिस को एक 8 वर्षीय अपहृत बालिका को मुंबई से सुरक्षित दस्तयाब करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस सराहनीय कार्रवाई पर धार पुलिस टीम को माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा सराहा गया है और पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को 10 हजार के इनाम की घोषणा की गई है।
घटना के तुरंत बाद, फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सेक्टर नम्बर-01 पीथमपुर में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने तुरंत नगर पुलिस अधीक्षक पीथमपुरी रवि सोनेर के मार्गदर्शन में अपहृत बालिका की तलाश के लिए एक एसआईटी का गठन किया था।
सीसीटीवी फुटेज और मुंबई तक पीछा
थाना प्रभारी ओपी अहीर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुख्य मार्गों और आसपास की फैक्ट्रियों के सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जाँच शुरू की। त्रिवेणी कम्पनी के कैमरों की फुटेज में एक अज्ञात व्यक्ति बालिका को बहला फुसलाकर ले जाते हुए दिखा, जिसकी पहचान बालिका के पिता ने की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदेही की पहचान कर पुलिस टीम ने उसका लगातार पीछा किया। टीम को जानकारी मिली कि संदेही अपहृता को लेकर इंदौर रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठ गया है।
800 CCTV फुटेज खंगाले गए
अपहृत बालिका का पता लगाने के लिए पुलिस टीम ने अथक प्रयास किए। इंदौर रेलवे स्टेशन से लेकर मुंबई सेंट्रल, दादर, कुर्ला, पनवेल, और नवी मुंबई तक रास्ते में आने वाले सभी रेलवे स्टेशन और नजदीक के बस स्टेशनों के लगभग 800 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही, अपहृता और संदेही की तस्वीरें नेशनल और लोकल न्यूज़ चैनलों तथा प्रिंट मीडिया के माध्यम से व्हाट्सएप पर वायरल की गईं।
पनवेल के चिल्ड्र्न होम से मिली सफलता
लगातार प्रयासों के बाद, संदेही अपहृत बालिका के साथ मुंबई पनवेल रेलवे स्टेशन के बाहर सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया। थाना प्रभारी खांडेश्वर पनवेल, नवी मुंबई के सहयोग से, टीम ने पनवेल और मुंबई के आसपास के सभी अनाथाश्रमों में बालिका की फोटो और मेसेज सर्कुलेट किए। अथक प्रयासों के बाद, मानखुर्द पनवेल न्यू नवी मुंबई के चिल्ड्रन होम से सूचना मिली कि भेजे गए हुलिए की बच्ची उनके होम में सुरक्षित है। पुलिस टीम ने तुरंत चिल्ड्रन होम पहुंचकर 8 साल की बालिका को सुरक्षित पाया। पुलिस टीम द्वारा महिला बल के साथ बालिका को वापस धार लाया गया और माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के आदेशानुसार उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
सराहनीय कार्य और इनाम
इस पूरी कार्रवाई के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक पीथमपुर रवि सोनेर और थाना प्रभारी ओपी अहीर लगातार टीम के संपर्क में रहे और मार्गदर्शन देते रहे। धार पुलिस की इस सफलता की माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर ने सराहना की है। पुलिस अधीक्षक धार श्री मयंक अवस्थी ने पूरी टीम को 10 हजार के नकद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
इनकी रही भूमिका : उक्त प्रकरण में थाना प्रभारी ओपी अहीर, उपनिरीक्षक दिनेश यादव, सायबर सेल प्रभारी प्रशांत गुंजाल, के.के.परिहार, अशोक दुबे, सुरज तिवारी, विजय सिंह सोनगरा, प्रदीप पाटिल, महेश यादव, विक्की कुशवाह, शैलेन्द्र सिंह भदोरिया, आदर्श रघुवंशी एवं महिला आरक्षक सोनाली की सरहानीय भूमिका रही।
धार
धार के कोर्ट रोड़ पर जानलेवा हमले का षड्यंत्रकर्ता मुख्य आरोपी मनीष लौहार साथी सहित गिरफ्तार
पुलिस ने दीनदयालपुरम में घेराबंदी कर दबोचा, अन्य साथियों का पुलिस पहले ही निकाल चुकी है जुलूस
धार। नौगांव थाना पुलिस ने कोर्ट रोड घाटी पर एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करने और जानलेवा हमला करने के मामले में मुख्य आरोपी और षड्यंत्रकर्ता मनीष पिता नरसिंग पवार, गौतम पिता सुनील डामोर को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
युवक पर किया था जानलेवा हमला : पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार,20 मई को फरियादिया गायत्री राठौड़ ने नौगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वह अपने मित्र अभयसिंह कुशवाह के साथ एक्टिवा से घर लौट रही थी, तभी कोर्ट रोड घाटी के पास कुछ युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने अभयसिंह के साथ गाली-गलौज करते हुए डंडों और लात-घूंसों से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में अभयसिंह को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरुआत में पुलिस ने फरियादिया की रिपोर्ट पर मारपीट धाराओं में मामला दर्ज किया था, लेकिन इलाज के दौरान घायल युवक की गंभीर स्थिति और चोटों को देखते हुए पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा और विवेचना के दौरान प्रकरण में हत्या का प्रयास की धाराा को बढाया। जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात का मुख्य सूत्रधार और षड्यंत्रकर्ता मनीष लोहार था।
भागने की फिराक में थे आरोपी, घेराबंदी कर दबोचा
घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी मनीष लोहार और उसका साथी गौतम डामोर लगातार फरार चल रहे थे। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में नौगांव पुलिस की टीम लगातार उनकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि दोनों आरोपी दीनदयालपुरम से जेतपुरा तालाब मार्ग की ओर जाने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
उक्त फरार आरोपियों को दबोचने में नौगांव थाना पुलिस टीम के सउनि मनीष कुमार भगोरे, आरक्षक अनिल, आरक्षक देवेन्द्र, आरक्षक आकाश और आरक्षक सुनील की विशेष और सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों से अन्य साथियों और घटना के कारणों के संबंध में आगे की पूछताछ कर वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
धार
पीथमपुर में मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार
पुलिस ने 4 मोबाइल बरामद किए, जय नगर और इंडसटाउन में रात को देते थे वारदातों को अंजाम
धार। औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर और आसपास के रिहायशी इलाकों में पिछले कुछ समय से मोबाइल चोरी की वारदातों में पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने करीब 40 हजार रुपये कीमती के चोरी के चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, पीथमपुर के जय नगर कॉलोनी और इंडसटाउन क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार मोबाइल गायब होने की शिकायतें मिल रही थीं। चोर बेहद शातिराना तरीके से रात के समय सूने या सो रहे लोगों के घरों में दाखिल होते थे और पलक झपकते ही कीमती मोबाइल उड़ा ले जाते थे। चोरों को ट्रैप करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था।
सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस को दो संदिग्धों के हुलिए और लोकेशन की पुख्ता जानकारी मिली। इसी बीच मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। थाने लाकर जब पुलिस ने दोनों संदेही युवकों से कड़ाई से पूछताछ की तो दोनों ने वारदात कबूल ली, आरोपियों की पहचान सत्यम तिवारी और साहिल अहिरवार दोनों निवासी रीवा के रूप में हुई है। आरोपियों ने जय नगर और इंडसटाउन में चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है, जिनकी निशानदेही पर 4 कीमती मोबाइल ज़ब्त किए गए हैं।
धार
धार की जनता बूंद-बूंद साफ पानी को तरसी, रील बनाने में मस्त मुख्य नगरपालिका अधिकारी
बदबूदार और मटमैला पानी पीने को मजबूर धार की जनता, क्या सोशल मीडिया के व्यूज… जनता की तकलीफों से बड़े हैं?
धार। शहर की जनता आज गंदे, दूषित और बदबूदार पानी से अपनी प्यास बुझाने को मजबूर है। कई वार्डों में पिछले कई दिनों से गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है, जिससे त्रस्त होकर शहरवासी लगातार शिकायतें कर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। हद तो तब हो गई जब जनता की शिकायतों को सुनने और धरातल पर काम करने के बजाय नगर पालिका के मुख्य अधिकारी सोशल मीडिया पर रील बनाने में व्यस्त हैं। शहर में अब यह बड़ा सवाल यह है कि क्या रील बनाने से पानी साफ हो जाएगा? क्या नपा पालिका को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं रह गया है?
खोखले साबित हुए दावे; इंदौर की घटना से भी नहीं लिया सबक
कुछ समय पहले इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद धार नगर पालिका ने बड़े-बड़े दावे किए थे। फिल्टर प्लांट की सफाई के फोटो खिंचवाए गए, पानी के सैंपल जांचने के नाटक हुए और भरोसा दिलाया गया कि अब शुद्ध पानी मिलेगा। लेकिन महज छह महीने में ही इन दावों की हवा निकल गई है। जब हमने इसकी पड़ताल की तो फिल्टर प्लांट पर ही पानी मटमैला पाया गया, जबकि नगर पालिका कागजों पर अब भी शुद्धता का ढिंढोरा पीट रही है।
लैब में तकनीशियन तक नहीं, भगवान भरोसे शहर की सेहत
हैरानी की बात यह है कि जिस फिल्टर प्लांट से रोजाना लाखों लीटर पानी सप्लाई होता है, वहां पानी की पारदर्शिता शून्य है। भागीरथपुरा की घटना के बाद जिस पानी जांचने वाली लैब को नियमित चलाने और निगरानी रखने का वादा किया गया था, वह आज भी तकनीशियन के अभाव में पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो पाई है। जनता की सेहत को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
रील की चमक या जनता का दर्द?
जब शहर महामारी के मुहाने पर खड़ा हो, बच्चे और बुजुर्ग बदबूदार पानी पीने को मजबूर है, तब एक मुख्य अधिकारी का पूरा ध्यान सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज बटोरने में लगा है। क्या मुख्य नगरपालिका अधिकारी के लिए सोशल मीडिया की रील तड़पती और आक्रोशित जनता की परेशानियों से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है?
नगर पालिका का तर्क है कि भीषण गर्मी के कारण पानी की खपत 1 करोड़ लीटर से बढ़कर 1.40 करोड़ लीटर प्रतिदिन हो गई है। जलस्रोतों दिलावरा, सीतापाट और नटनागरा तालाब में पानी कम है और 24 घंटे मोटर चलने के कारण पानी में हल्का मटमैलापन आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एरियेशन, एलम और ब्लीचिंग की प्रक्रिया अपनाई जा रही है और इनकी मात्रा बढ़ाने से स्वास्थ्य खराब हो सकता है। यदि फिल्टर प्लांट की पूरी प्रक्रिया फ्लेक मिक्सर, सेटलमेंट टैंक, फिल्टर बेड)सही है, तो पानी मटमैला और बदबूदार क्यों है? क्या तकनीकी खामियों को सुधारने के बजाय रील के कैमरे के सामने मुस्कुराना ज्यादा जरूरी है?
शहरवासियों का कहना है कि टैक्स वसूलने में आगे रहने वाली नगर पालिका उन्हें पीने के लिए जहर जैसा पानी परोस रही है। अधिकारियों का जनता की समस्याओं से कोई नाता नहीं रह गया है। जल्द ही पेयजल व्यवस्था नपा सुधार करें और रील संस्कृति को छोड़कर अधिकारी जमीन पर उतरे।
-
धार4 weeks agoधार में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई….. 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते डीपीसी रंगे हाथों गिरफ्तार
-
धार5 months agoपूर्व पार्षद व भाजपा नेता सन्नी राठौड़ सहित चार पर प्रकरण दर्ज
-
धार5 months agoधार प्रधान डाकघर में घोटालों का खुलासा……तीन कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज
-
धार2 years agoCM visit In Amzera : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अमझेरा, मिथ्या तोड़ कर लगाएंगे विराम….ढ़ाई घंटे रुकेंगे अमझेरा
-
धार5 months agoबदनावर के नवोदय विद्यालय में साइलेंट अटैक से 13 साल की बच्ची की मौत
-
धार2 years agoधार में सड़क हादसा : दो पुलिसकर्मियों की कार पेड़ से टकराई, एक की मौत
-
धार2 years agoSutra LIVE : स्मार्ट मीटर के विरोध में सड़क पर उतरी कांग्रेस, विद्युत वितरण कंपनी का कार्यालय घेरा
-
धार2 years agoमुख्यमंत्री डा मोहन यादव आज अमझेरा की मिथ्या को लगाएंगे विराम

