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एक खबर और 25 साल का ताला टूटा….. अब 50 गांव के 1500 किसानों को नहीं काटने पड़ेंगे 40 किमी के चक्कर

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“जहां सुविधा, वहां ताले” खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया…..सतीपूरा सोसायटी अपने भवन से
शुरू

सूत्र खबर का असर कलेक्टर के संज्ञान के बाद बदली व्यवस्था

गोपाल खंडेलवाल ग्राउंड रिपोर्ट
धार, तिरला।
कभी बंद दरवाजे, कभी खाली भवन… और किसान 40 किलोमीटर दूर भटकने को मजबूर। लेकिन एक खबर ने तस्वीर बदल दी। “सूत्र “में प्रकाशित “जहां सुविधा, वहां ताले” शीर्षक खबर के बाद जिला प्रशासन ने ऐसा त्वरित फैसला लिया कि 25 वर्षों से चली आ रही अव्यवस्था एक झटके में खत्म हो गई।

सतीपूरा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जिसका शासकीय भवन करीब 10 साल पहले बन चुका था जो नीमखेड़ा अंतर्गत संचालन होता हे। संचालन वर्षों से तिरला के किराए के भवन से हो रहा था। नतीजा—सतीपूरा सहित 50 गांवों के लगभग 1500 किसानों को खाद बीज और ऋण लेन-देन के लिए हर बार 40 किमी दूर तिरला जाना पड़ता था।

“खबर छपी… और सिस्टम जागा”
बुधवार को खबर सामने आते ही जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया। संबंधित विभागीय अधिकारियों को तलब किया गया और उसी दिन देर शाम तक सतीपूरा भवन से सोसायटी संचालन के आदेश जारी कर दिए गए।
गुरुवार सुबह किसानों ने जो देखा, वह वर्षों बाद उम्मीद जगाने वाला था—सोसायटी पहली बार अपने असली पते पर खुली।

अब गांव में ही मिलेगी सुविधा
अब किसानों को न तो लंबा सफर तय करना पड़ेगा और न ही जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। खाद-बीज वितरण, ऋण लेन-देन और अन्य सहकारी सेवाएं सीधे गांव में ही उपलब्ध होंगी। उक्त मामले को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेड़ा ने भी कलेक्टर को पत्र लिखा था। किसानों का कहना है कि अब खेती के काम के बीच दिन भर तिरला जाने की मजबूरी खत्म हो गई है।

चेहरे पर राहत, मन में भरोसा
आदेश जारी होने की खबर मिलते ही सतीपूरा और आसपास के गांवों में खुशी का माहौल बन गया। किसानों के चेहरों पर राहत साफ नजर आई। उनका कहना है कि यह फैसला सिर्फ सुविधा नहीं, सम्मान की वापसी है।हालांकि किसानों का यह भी कहना है कि व्यवस्था स्थायी रहे, इसके लिए नियमित निगरानी और जवाबदेही जरूरी है, ताकि भविष्य में फिर ताले न लगें। इसलिए प्रशासन को लगातार यहां निगाहे रखना भी जरूरी हे।

आज से संस्था सतीपूरा – नीमखेड़ा में स्थानांतरित कारवाही शुरू कर दी हे पूर्व में प्रस्ताव पारित हुआ था इसलिए तिरला संचालन किया जा रहा था। शंकर मीनारें प्रबंधक सतीपूरा नीमखेड़ा सोसायटी

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झाबुआ जिला अस्पताल में धार की बहू ने बिना ऑपरेशन के दिया तीन बेटियों को जन्म

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मां और तीनों बच्‍चों की सेहत में लगातार हो रहा सुधार, डॉक्‍टर बोले – ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्‍प

धार, झाबुआ। जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उत्कृष्ट सूझबूझ और कुशलता के चलते एक महिला ने बिना किसी जटिल ऑपरेशनके सामान्य प्रसव के जरिए एक साथ तीन स्वस्थ बेटियों को जन्म दिया। वर्तमान में मां और तीनों नवजात बच्चियां पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्‍प : प्राप्त जानकारी के अनुसार धार जिले के ग्राम कुशलपुरा की निवासी श्रीमती रीना पति सुकराम जिनका मायका झाबुआ का गोपालपुरा है को प्रसव पीड़ा होने पर झाबुआ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गर्भ में तीन बच्चे होने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था। आमतौर पर ऐसे मामलों में डॉक्टर सिजेरियन ऑपरेशन का ही विकल्प चुनते हैं, लेकिन यहाँ की मेडिकल टीम ने अपनी काबिलियत और धैर्य का परिचय देते हुए पूरी तरह सामान्य और सफल प्रसव कराया।

चिकित्सकों के अनुसार, जन्म लेने वाली तीनों बेटियों का वजन अलग-अलग है पहली बेटी: 1.2 किलोग्राम, दूसरी बेटी: 1.3 किलोग्राम, तीसरी बेटी: 1.8 किलोग्राम कम वजन होने के कारण पहली और दूसरी बच्ची को एहतियात के तौर पर एनआईसीयू शिशु गहन चिकित्सा इकाई में विशेष डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। वहीं, 1.8 किलो वजन वाली तीसरी बेटी पूरी तरह सामान्य होकर वार्ड में अपनी मां के पास है। डॉक्टरों ने बताया कि चारों की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।

इस बेहद चुनौतीपूर्ण प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में झाबुआ जिला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिष्ठा चौहान, नर्सिंग ऑफिसर मंजू निनामा और हिमानी खतरकर सहित लेबर रूम के पूरे स्टाफ की मुख्य भूमिका रही।

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धामनोद में नर्मदा पुल से कूदकर आत्‍महत्‍या की कोशिश कर रहे अधेड़ को पुलिस ने बचाया

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डायल-112 की एफआरवी गाड़ी सूचना मिलते की चंद मिनटों में पहुंची, परिजनों के सुपुर्द किया

धार। मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा की तत्परता और सूझबूझ से एक व्यक्ति की जान बच गई। खलघाट स्थित नर्मदा नदी के बड़े पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक 45 वर्षीय अधेड़ को पुलिस स्टाफ ने ऐन वक्त पर पहुंचकर सुरक्षित बचा लिया।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्‍त जानकारी के अनुसार 112 कंट्रोल रूम को एक आपातकालीन सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि खलघाट स्थित नर्मदा ब्रिज पर एक व्यक्ति खड़ा है और नदी में कूदकर अपनी जान देने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी गाड़ी तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस कर्मियों ने बिना एक पल गंवाए घटना स्थल पर पहुंचकर तत्परता दिखाई और आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्ति को सूझबूझ से सुरक्षित पकड़ लिया।

परिजनों के सुपुर्द किया
पुलिस पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम राकेश म्हाले निवासी ऊन जिला खरगोन बताया। डायल-112 स्टाफ व्यक्ति को सुरक्षित बचाकर धामनोद थाने लेकर आया, जहां पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया। इसके बाद थाने में व्यक्ति की उचित काउंसलिंग की गई और उसे सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। अपनों को सही-सलामत पाकर परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।

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बिखरौन में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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जहर खाकर सुसाइड की आशंका, 1 महीने पहले ही हुई थी शादी

धार। ग्राम बिखरौन में एक नवविवाहिता की जहरीला पदार्थ के सेवन से मौत हो गई। धामनोद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिखरौन निवासी मीनाक्षी की शादी लगभग एक महीने पहले मनावर निवासी संजय निगवाल से हुआ था। शादी के बाद मीनाक्षी अपने मायके बिखरौन आई हुई थी।

मंगलवार को अज्ञात कारणों से मीनाक्षी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल धामनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने मीनाक्षी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल धार रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत धामनोद पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर धामनोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। बुधवार को पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी के एक माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से परिवार सदमे में है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। धामनोद पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और मौत के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

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