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ग्राउंड रिपोर्ट : खबर ने जगाया सिस्टम… अमझेरा में लौटी जल आपूर्ति, कर्मचारियों को मिला बकाया वेतन

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हेडओवर पर अब भी सस्पेंस, नया फार्मूला सामने

गोपाल खंडेलवाल। अमझेरा – राजा बख्तावर नल-जल योजना के हेडओवर विवाद और कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर प्रकाशित खबर का असर आखिरकार नजर आया। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद अमझेरा नगरवासियों को तीन दिन बाद फिर से नलों में पानी मिलना शुरू हो गया है, वहीं पिछले तीन माह से वेतन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को भी भुगतान कर दिया गया है। इससे होली से पहले नगरवासियों और कर्मचारियों—दोनों के चेहरे खिल उठे हैं।

खबर प्रकाशित होते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को तत्काल जल आपूर्ति बहाल करने और कर्मचारियों का लंबित वेतन जारी करने के निर्देश दिए। आदेश मिलते ही शुक्रवार से बंद पड़ी जल आपूर्ति को फिर से शुरू किया गया और फिल्टर प्लांट पर कार्यरत कर्मचारियों को बकाया वेतन का भुगतान किया गया।

मेस्को डेम का पानी फिर पहुंचा 20 वार्डों मे
तीन दिनों के भीतर मेस्को डेम से फिल्टर होकर पानी पुनः अमझेरा नगर के 20 वार्डों में सप्लाई होने लगा। लगभग 2300 परिवारों ने राहत की सांस ली। होली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से त्योहार का रंग फीका पड़ने से बच गया।
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डओवर पर अब भी सस्पेंस, नया फार्मूला सामने
हालांकि जल आपूर्ति बहाल हो गई है, लेकिन राजा बख्तावर नल-जल योजना के हेडओवर को लेकर स्थिति अब भी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। पीएचई विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि ग्राम पंचायत योजना का हेडओवर लेने को तैयार नहीं होती है, तो विभाग द्वारा एक समिति गठित कर ग्रामीणों को योजना के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।विभाग का कहना है कि शासन स्तर से पंचायत को हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश हैं, जबकि पंचायत अब भी तकनीकी खामियों, लीकेज, अधूरी पाइपलाइन और मेंटेनेंस फंड के अभाव को लेकर आपत्तियां जता रही है।

खबर ने बदली तस्वीर
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जनहित से जुड़ी समस्याओं पर उठाई गई आवाज असर दिखाती है। पानी होते हुए भी प्यासे रहने की आशंका झेल रहे अमझेरा वासियों को राहत मिली है और कर्मचारियों की हड़ताल भी समाप्त हो गई है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नल-जल योजना का स्थायी समाधान कब और किस मॉडल पर होता है—पंचायत के माध्यम से या फिर समिति के जरिए। फिलहाल, होली से पहले पानी और वेतन दोनों मिलने से अमझेरा में त्योहार की खुशियां लौट आई हैं।

इनका कहना –
कर्मचारियों का वेतन वितरण हो गया पानी भी शुरू कर दिया हे हैंडओवर अगर ग्राम पंचायत नहीं लेता हे तो स्थानीय समिति बनाकर जिम्मेदारी दी जाएगी ग्राम पंचायत 2300 कनेक्शन से जलकर लेकर संचालन कर सकते हे। नवल सिंह भूरिया, ई लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सरदापुर

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धार कांग्रेस में अल्पसंख्यक मोर्चे के नए जिलाध्यक्ष के लिए वन-टू-वन मंथन, दावेदारों से लिए आवेदन, बंद कमरे में हुई चर्चा

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प्रभारी कुरैशी दो टूक…… सक्रिय और जमीनी स्तर पर पकड़ रखने वाले कार्यकर्ताओं को ही प्राथमिकता

धार। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन सृजन अभियान के तहत धार जिले में अल्पसंख्यक कांग्रेस को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर धार जिला मुख्यालय पर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक कांग्रेस के नए जिलाध्यक्ष का चयन और आगामी चुनावों के मद्देनजर संगठन का बूथ स्तर तक विस्तार करना रहा।

दावेदारों से लिए आवेदन, बंद कमरे में हुई चर्चा
अभियान के तहत धार पहुंचे जिला प्रभारी साजिद कुरैशी ने बैठक के दौरान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने नए जिलाध्यक्ष पद के लिए इच्छुक दावेदारों से बंद लिफाफे में आवेदन आमंत्रित किए। प्रभारी कुरैशी ने स्पष्ट किया कि संगठन में सक्रिय और जमीनी स्तर पर पकड़ रखने वाले कार्यकर्ताओं को ही प्राथमिकता दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन चर्चा कर संगठन की जमीनी हकीकत का फीडबैक भी लिया।

बूथ स्तर पर विचारधारा मजबूत करने पर जोर
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वतंत्र जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्पसंख्यक कांग्रेस पार्टी की रीढ़ है। उन्होंने संगठन को और अधिक गतिशील व सक्रिय बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे और आपसी एकजुटता पर बल दिया। वहीं बैठक के मुख्य वक्ता पारितोष सिंह ने संगठन सृजन अभियान के मूल उद्देश्यों पर कहा कि कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं के कंधों पर है। जब हमारा बूथ मजबूत होगा, तभी संगठन हर चुनौती का सामना करने में सक्षम बनेगा।

बैठक में ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व अध्यक्ष डॉ. रफ़ीक शेख के स्वागत भाषण से हुई। मंच संचालन प्रकोष्ठ अध्यक्ष शकील खान ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन टोनी छाबड़ा द्वारा व्यक्त किया गया। बैठक में
शाकिर भाई एडवोकेट, अजगर भाई, डॉ. जियाउल हक, डॉ. जाकिर गुणवाद, वरिष्ठ कांग्रेसी प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर, सतपाल बरनाला, राजेश पवार, शाकिर केसुर जावेद खान खलघाट और रोहित कामदार ने बैठक में अपने विचार रखे।

बैठक के अंत में उपस्थित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों ने एक सुर में संकल्प लिया कि वे आपसी मतभेदों को भुलाकर संगठन सृजन अभियान को सफल बनाएंगे और कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाएंगे।

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बाग पुलिस ने पाडलिया नैनगांव फाटे पर हुई डकैती का किया पर्दाफाश, 2 आरोपी गिरफ्तार, 4 फरार

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चलती गाड़ी पर दंपत्ति को लात मारकर गिराया, फिर की थी लूटपाट

धार। बाग थाना पुलिस ने पाडलिया नैनगांव फाटे के पास दंपति को लात मारकर गिराने और बैग लूटने वाली गैंग का पर्दाफाश कर दिया है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके चार अन्य साथियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पकड़े गए बदमाशों के पास से लूटे गए चांदी के कड़े, नगदी और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है।

चलती गाड़ी पर लात मारकर गिराया, फिर की लूटपाट
22 मई की रात करीब 8 बजे फरियादी महिला अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से ग्राम पीपरी से वापस अपने गांव चिलवा लौट रही थी। इसी दौरान पाडलिया नैनगांव फाटे के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए छह अज्ञात बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने लूट की नीयत से दंपति की मोटरसाइकिल को चलती गाड़ी में लात मारकर नीचे गिरा दिया, जिससे फरियादी महिला को गंभीर चोटें आईं। इसके बाद बदमाश महिला के हाथ से बैग छीनकर रफूचक्कर हो गए। बैग में दो चांदी के कड़े और 5 हजार रुपये नगद रखे थे। पीड़िता की शिकायत पर थाना बाग में डकैती का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

रिमांड में उगला राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। ब मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर टीम ने ग्राम झिरपनिया के पास घेराबंदी कर संदेही मगन भील को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर मगन ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस सनसनीखेज डकैती को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया। रिमांड के दौरान मिली कड़ियों के आधार पर पुलिस ने दूसरे सह-आरोपी दिनेश अनारे को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से लूट गए चांदी के कड़े, नगद राशि और एक बाइक को जप्‍त किया है।

इनकी रही भूमि‍का : डकैती के को चंद दिनों में सुलझाने में बाग थाना प्रभारी निरीक्षक कैलाश चौहान, उनि तोसिफ अली, सउनि लोकेश रायपुरिया, सउनि दशरथसिंह चौहान, सउनि कमलेश राठौड़िया, प्रधान आरक्षक सखाराम गोखले, भावसिंह रावत, रेलमसिंह भिण्डे, गजेन्द्र कनेश, कैलाश गेहलोत सहित आरक्षक राजू चौहान, दुर्गेश, सीताराम डोडवे, कलमसिंह डुडवे, लालसिंह चौहान, मुकेश और सुरेश की मुख्य भूमिका रही,इसके साथ ही तकनीकी सहायता के लिए साइबर सेल धार के उनि प्रशांत गुंजाल एवं आरक्षक प्रशांत चौहान का भी विशेष और सराहनीय योगदान रहा।

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झाबुआ जिला अस्पताल में धार की बहू ने बिना ऑपरेशन के दिया तीन बेटियों को जन्म

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मां और तीनों बच्‍चों की सेहत में लगातार हो रहा सुधार, डॉक्‍टर बोले – ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्‍प

धार, झाबुआ। जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उत्कृष्ट सूझबूझ और कुशलता के चलते एक महिला ने बिना किसी जटिल ऑपरेशनके सामान्य प्रसव के जरिए एक साथ तीन स्वस्थ बेटियों को जन्म दिया। वर्तमान में मां और तीनों नवजात बच्चियां पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्‍प : प्राप्त जानकारी के अनुसार धार जिले के ग्राम कुशलपुरा की निवासी श्रीमती रीना पति सुकराम जिनका मायका झाबुआ का गोपालपुरा है को प्रसव पीड़ा होने पर झाबुआ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गर्भ में तीन बच्चे होने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था। आमतौर पर ऐसे मामलों में डॉक्टर सिजेरियन ऑपरेशन का ही विकल्प चुनते हैं, लेकिन यहाँ की मेडिकल टीम ने अपनी काबिलियत और धैर्य का परिचय देते हुए पूरी तरह सामान्य और सफल प्रसव कराया।

चिकित्सकों के अनुसार, जन्म लेने वाली तीनों बेटियों का वजन अलग-अलग है पहली बेटी: 1.2 किलोग्राम, दूसरी बेटी: 1.3 किलोग्राम, तीसरी बेटी: 1.8 किलोग्राम कम वजन होने के कारण पहली और दूसरी बच्ची को एहतियात के तौर पर एनआईसीयू शिशु गहन चिकित्सा इकाई में विशेष डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। वहीं, 1.8 किलो वजन वाली तीसरी बेटी पूरी तरह सामान्य होकर वार्ड में अपनी मां के पास है। डॉक्टरों ने बताया कि चारों की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।

इस बेहद चुनौतीपूर्ण प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में झाबुआ जिला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिष्ठा चौहान, नर्सिंग ऑफिसर मंजू निनामा और हिमानी खतरकर सहित लेबर रूम के पूरे स्टाफ की मुख्य भूमिका रही।

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