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धार

धमाके से दहला चिचोड़िया….. छतों के पतरे उड़े, मकानों में दरारे, ब्लास्ट का वीडियो वायरल

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इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे से दो किमी दूर गांव में रेलवे निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग, ग्रामीणों का आरोप – बिना सूचना किया धमाका

गोपाल खंडेलवाल। अमझेरा- धार सरदारपुर तहसील के ग्राम चिचोड़िया में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक हुए जोरदार धमाके से पूरे गांव में दहशत फैल गई। धमाके की आवाज सुनते ही ग्रामीण घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। चिचोड़िया गांव इंदौर–अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित फुलगावड़ी से करीब दो किमी दूर है। यहां इंदौर–दाहोद रेलवे लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य कर रही कंपनी ने जमीन के अंदर बारूद लगाकर ब्लास्ट कर दिया, लेकिन इसकी पहले से कोई सूचना गांव में नहीं दी गई।

धमाका इतना तेज था कि कई घरों की छतों के पतरे उड़ गए और कुछ मकानों में दरारें आ गईं। ग्रामीणों का कहना है कि धमाके की आवाज गांव के साथ-साथ पास के हाईवे तक सुनाई दी और कुछ क्षणों के लिए पूरी धरती कंपन करने लगी। अचानक हुए धमाके से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बिना सूचना दिए किया ब्लास्ट
ग्रामीण चुन्नीलाल मारू ने बताया कि रेलवे निर्माण कार्य कर रही ठेकेदार कंपनी ने बिना सूचना दिए ब्लास्ट कर दिया। नियमों के अनुसार ब्लास्टिंग से पहले लाउडस्पीकर से सूचना दी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस घटना में उमेश रावल, सीताराम कालू और रामलाल दागी के मकानों में दरारें आ गई हैं।

लाइव वीडियो हुआ वायरल
घटना के दौरान का एक लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में धमाके की तेज आवाज के साथ ग्रामीणों में घबराहट का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। धमाके के बाद लोग घरों से बाहर निकलकर स्थिति का जायजा लेते नजर आए। रेलवे विभाग के मुताबिक इंदौर–दाहोद रेलवे लाइन परियोजना के तहत पुलिया निर्माण कार्य के लिए नियंत्रित ब्लास्टिंग की गई थी।

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झाबुआ जिला अस्पताल में धार की बहू ने बिना ऑपरेशन के दिया तीन बेटियों को जन्म

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मां और तीनों बच्‍चों की सेहत में लगातार हो रहा सुधार, डॉक्‍टर बोले – ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्‍प

धार, झाबुआ। जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उत्कृष्ट सूझबूझ और कुशलता के चलते एक महिला ने बिना किसी जटिल ऑपरेशनके सामान्य प्रसव के जरिए एक साथ तीन स्वस्थ बेटियों को जन्म दिया। वर्तमान में मां और तीनों नवजात बच्चियां पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्‍प : प्राप्त जानकारी के अनुसार धार जिले के ग्राम कुशलपुरा की निवासी श्रीमती रीना पति सुकराम जिनका मायका झाबुआ का गोपालपुरा है को प्रसव पीड़ा होने पर झाबुआ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गर्भ में तीन बच्चे होने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था। आमतौर पर ऐसे मामलों में डॉक्टर सिजेरियन ऑपरेशन का ही विकल्प चुनते हैं, लेकिन यहाँ की मेडिकल टीम ने अपनी काबिलियत और धैर्य का परिचय देते हुए पूरी तरह सामान्य और सफल प्रसव कराया।

चिकित्सकों के अनुसार, जन्म लेने वाली तीनों बेटियों का वजन अलग-अलग है पहली बेटी: 1.2 किलोग्राम, दूसरी बेटी: 1.3 किलोग्राम, तीसरी बेटी: 1.8 किलोग्राम कम वजन होने के कारण पहली और दूसरी बच्ची को एहतियात के तौर पर एनआईसीयू शिशु गहन चिकित्सा इकाई में विशेष डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। वहीं, 1.8 किलो वजन वाली तीसरी बेटी पूरी तरह सामान्य होकर वार्ड में अपनी मां के पास है। डॉक्टरों ने बताया कि चारों की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।

इस बेहद चुनौतीपूर्ण प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में झाबुआ जिला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिष्ठा चौहान, नर्सिंग ऑफिसर मंजू निनामा और हिमानी खतरकर सहित लेबर रूम के पूरे स्टाफ की मुख्य भूमिका रही।

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धामनोद में नर्मदा पुल से कूदकर आत्‍महत्‍या की कोशिश कर रहे अधेड़ को पुलिस ने बचाया

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डायल-112 की एफआरवी गाड़ी सूचना मिलते की चंद मिनटों में पहुंची, परिजनों के सुपुर्द किया

धार। मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा की तत्परता और सूझबूझ से एक व्यक्ति की जान बच गई। खलघाट स्थित नर्मदा नदी के बड़े पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक 45 वर्षीय अधेड़ को पुलिस स्टाफ ने ऐन वक्त पर पहुंचकर सुरक्षित बचा लिया।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्‍त जानकारी के अनुसार 112 कंट्रोल रूम को एक आपातकालीन सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि खलघाट स्थित नर्मदा ब्रिज पर एक व्यक्ति खड़ा है और नदी में कूदकर अपनी जान देने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी गाड़ी तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस कर्मियों ने बिना एक पल गंवाए घटना स्थल पर पहुंचकर तत्परता दिखाई और आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्ति को सूझबूझ से सुरक्षित पकड़ लिया।

परिजनों के सुपुर्द किया
पुलिस पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम राकेश म्हाले निवासी ऊन जिला खरगोन बताया। डायल-112 स्टाफ व्यक्ति को सुरक्षित बचाकर धामनोद थाने लेकर आया, जहां पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया। इसके बाद थाने में व्यक्ति की उचित काउंसलिंग की गई और उसे सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। अपनों को सही-सलामत पाकर परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।

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बिखरौन में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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जहर खाकर सुसाइड की आशंका, 1 महीने पहले ही हुई थी शादी

धार। ग्राम बिखरौन में एक नवविवाहिता की जहरीला पदार्थ के सेवन से मौत हो गई। धामनोद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिखरौन निवासी मीनाक्षी की शादी लगभग एक महीने पहले मनावर निवासी संजय निगवाल से हुआ था। शादी के बाद मीनाक्षी अपने मायके बिखरौन आई हुई थी।

मंगलवार को अज्ञात कारणों से मीनाक्षी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल धामनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने मीनाक्षी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल धार रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत धामनोद पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर धामनोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। बुधवार को पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी के एक माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से परिवार सदमे में है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। धामनोद पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और मौत के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

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