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धार नगरपालिका डामर घोटाला : रिटायर्ड सीएमओं समेत 5 पर गिरी गाज, पेंशन और वेतनवृद्धि रोकी गई

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27 लाख की पेंचवर्क सामग्री खरीदी की जांच में मिला भ्रष्‍टाचार, नियमों को ताक पर रख कर किया गया था भुगतान

धार। नगरपालिका परिषद धार में वर्ष 2019-20 के दौरान हुए बहुचर्चित ‘डामर घोटाले’ में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। 27.87 लाख रुपये की सामग्री खरीदी में हुए भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी के मामले में तत्कालीन सीएमओ विजय शर्मा सहित पांच अधिकारियों को दोषी पाया गया है।

नियम ताक पर रख कर किया गया भुगतान
जांच में खुलासा हुआ कि सड़कों के पेंचवर्क के लिए डामर खरीदी के दौरान न तो प्राक्कलन तैयार किए गए और न ही खुली निविदा आमंत्रित की गई। अधिकारियों ने नियमों को दरकिनार कर खंड-खंड स्वीकृतियां लीं और बिना माप पुस्तिका के ही लाखों का भुगतान कर दिया। स्टॉक रजिस्टर और इनवॉइस की तारीखों में भी भारी अंतर पाया गया।

27 लाख से अधिक की खरीदी थी सामग्री
जांच प्रतिवेदन के अनुसार 2019 से 2020 की अवधि में धार नगरपालिका परिषद ने मेसर्स चिमनलाल रतनलाल गांधी, मेसर्स मयंक आई.टी. सोल्यूशन सागर और मेसर्स चेतनदास कांट्रेक्टर एंड सप्लायर्स आदि से कुल लगभग 27 लाख 87 हजार 640 रुपयों की डामर सामग्री खरीदी थी, जांच में यह बात भी सामने आई है कि उक्‍त खरीदी में प्राक्‍कलन तैयार नही किया गया था साथ ही एक लाख रुपयों से अधिक की खरीदी के लिए खुली निविदा भी जारी नहीं की गई, गैर एसओआर सामग्री होने के बावजूद भी कोई पत्रक तैयार नही किया गया, निविदा समिति की दर अनुशंसा और परिषद से दर की सक्षम स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई।

इन पर हुई कार्रवाई:

तत्कालीन सीएमओं विजय कुमार शर्मा : लापरवाही पूर्वक भुगतान की स्वीकृति देने के कारण, सेवानिवृत्त हो चुके शर्मा की पेंशन पर मिलने वाले महंगाई भत्ते की 10 प्रतिशराशि 2 साल के लिए रोक दी गई है।

सहायक लेखाधिकारी अनुपम तिवारी : बिना सही परीक्षण भुगतान अनुमति देने पर 2 वेतनवृद्धियां रोकी गईं।

इंजीनियर राकेश बैनल : निविदा नियमों के उल्लंघन और बिना माप पुस्तिका भुगतान की कार्यवाही पर 2 वेतनवृद्धियां रोकी गईं।

सहायक राजस्व निरीक्षक परशराम डोडवाल व पुनीत तिवारी : स्टॉक प्रबंधन और वित्तीय अनियमितता के चलते इनकी भी 2-2 वेतनवृद्धियां रोकने के आदेश जारी हुए हैं।

आरटीआई से हुआ खुलासा, कोर्ट जाएगा मामला
इस पूरे घोटाले को आरटीआई कार्यकर्ता सुनील सावंत ने उजागर किया था। सावंत ने बताया कि वे विभाग की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा के लिए जल्द ही न्यायालय में याचिका दायर करेंगे। आयुक्त नगरीय प्रशासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि इन अधिकारियों की लापरवाही से निकाय को भारी आर्थिक क्षति हुई है।

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झाबुआ जिला अस्पताल में धार की बहू ने बिना ऑपरेशन के दिया तीन बेटियों को जन्म

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मां और तीनों बच्‍चों की सेहत में लगातार हो रहा सुधार, डॉक्‍टर बोले – ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्‍प

धार, झाबुआ। जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उत्कृष्ट सूझबूझ और कुशलता के चलते एक महिला ने बिना किसी जटिल ऑपरेशनके सामान्य प्रसव के जरिए एक साथ तीन स्वस्थ बेटियों को जन्म दिया। वर्तमान में मां और तीनों नवजात बच्चियां पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।

ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्‍प : प्राप्त जानकारी के अनुसार धार जिले के ग्राम कुशलपुरा की निवासी श्रीमती रीना पति सुकराम जिनका मायका झाबुआ का गोपालपुरा है को प्रसव पीड़ा होने पर झाबुआ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गर्भ में तीन बच्चे होने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था। आमतौर पर ऐसे मामलों में डॉक्टर सिजेरियन ऑपरेशन का ही विकल्प चुनते हैं, लेकिन यहाँ की मेडिकल टीम ने अपनी काबिलियत और धैर्य का परिचय देते हुए पूरी तरह सामान्य और सफल प्रसव कराया।

चिकित्सकों के अनुसार, जन्म लेने वाली तीनों बेटियों का वजन अलग-अलग है पहली बेटी: 1.2 किलोग्राम, दूसरी बेटी: 1.3 किलोग्राम, तीसरी बेटी: 1.8 किलोग्राम कम वजन होने के कारण पहली और दूसरी बच्ची को एहतियात के तौर पर एनआईसीयू शिशु गहन चिकित्सा इकाई में विशेष डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। वहीं, 1.8 किलो वजन वाली तीसरी बेटी पूरी तरह सामान्य होकर वार्ड में अपनी मां के पास है। डॉक्टरों ने बताया कि चारों की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।

इस बेहद चुनौतीपूर्ण प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में झाबुआ जिला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिष्ठा चौहान, नर्सिंग ऑफिसर मंजू निनामा और हिमानी खतरकर सहित लेबर रूम के पूरे स्टाफ की मुख्य भूमिका रही।

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धामनोद में नर्मदा पुल से कूदकर आत्‍महत्‍या की कोशिश कर रहे अधेड़ को पुलिस ने बचाया

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डायल-112 की एफआरवी गाड़ी सूचना मिलते की चंद मिनटों में पहुंची, परिजनों के सुपुर्द किया

धार। मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा की तत्परता और सूझबूझ से एक व्यक्ति की जान बच गई। खलघाट स्थित नर्मदा नदी के बड़े पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक 45 वर्षीय अधेड़ को पुलिस स्टाफ ने ऐन वक्त पर पहुंचकर सुरक्षित बचा लिया।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्‍त जानकारी के अनुसार 112 कंट्रोल रूम को एक आपातकालीन सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि खलघाट स्थित नर्मदा ब्रिज पर एक व्यक्ति खड़ा है और नदी में कूदकर अपनी जान देने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी गाड़ी तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस कर्मियों ने बिना एक पल गंवाए घटना स्थल पर पहुंचकर तत्परता दिखाई और आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्ति को सूझबूझ से सुरक्षित पकड़ लिया।

परिजनों के सुपुर्द किया
पुलिस पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम राकेश म्हाले निवासी ऊन जिला खरगोन बताया। डायल-112 स्टाफ व्यक्ति को सुरक्षित बचाकर धामनोद थाने लेकर आया, जहां पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया। इसके बाद थाने में व्यक्ति की उचित काउंसलिंग की गई और उसे सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। अपनों को सही-सलामत पाकर परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।

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बिखरौन में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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जहर खाकर सुसाइड की आशंका, 1 महीने पहले ही हुई थी शादी

धार। ग्राम बिखरौन में एक नवविवाहिता की जहरीला पदार्थ के सेवन से मौत हो गई। धामनोद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिखरौन निवासी मीनाक्षी की शादी लगभग एक महीने पहले मनावर निवासी संजय निगवाल से हुआ था। शादी के बाद मीनाक्षी अपने मायके बिखरौन आई हुई थी।

मंगलवार को अज्ञात कारणों से मीनाक्षी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल धामनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने मीनाक्षी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल धार रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत धामनोद पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर धामनोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। बुधवार को पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी के एक माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से परिवार सदमे में है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। धामनोद पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और मौत के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

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