धार
पीथमपुर की कंपनियों में लगी आग पर 11 घंटे बाद पाया काबू, 90 प्रतिशत आग बूझी, दो कंपनियों में सबसे ज्यादा नुकसान
आग की चपेट में एक जेसीबी और एक हाइड्रा वाहन जलकर खाक, दो दर्जन फायर वाहन सहित 250 पानी के टैंकर पहुंचे
औधोगिक नगरी पीथमपुर में स्थित हजारगो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड एक वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी में कल देर रात लगी भीषण आग पर 11 घंटे बाद काबू पा लिया गया हैं, अधिकारियों के अनुसार 90 प्रतिशत आग बूझ चुकी है। किंतु कंपनी में केमिकल बडी मात्रा में स्टोर होने के कारण रुक-रुक कर आग पुन लग रही हैं, इसके लिए प्रशासन ने फायर वाहनों को मौके पर ही तैनात कर रखा हैं। हजारगो कंपनी से फैली आग ने पडोसी कंपनियों को भी अपनी चपैट में लिया था, जिसमें मुख्य रुप से स्लीपलूप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और लिस्टेड गलार्ड स्टील लिमिटेड को अधिक नुकसान हुआ है। इसके साथ ही दो अन्य कंपनियों में भी थोडे नुकसान की सूचना मिली है। प्रशासन के अनुसार आग पूरी तरह बुझने के बाद ही कंपनियों में आग लगने का कारण पता करने के लिए जांच टीमे सर्वे करेगी, जिससे नुकसान का भी सही आंकलन किया जा सकेगा।

दरअसल औधोगिक नगरी में स्थित हजारगो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड एक वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी है, जिसकी स्थापना 2011 में हुई थी। कंपनी खतरनाक (हैजार्डस) और गैर-खतरनाक औद्योगिक कचरे के निपटान के साथ ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग का काम करती है। फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल, प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सुरक्षित तरीके से प्रोसेस करना इसका मुख्य कार्य है। पहले इसका नाम आर.के. स्टील एंड स्क्रैप सप्लायर्स प्रा. लि. था। पीथमपुर के सेक्टर-3 स्थित हजारगो इंडस्ट्रियल वेस्ट डिस्पोजल कंपनी में मंगलवार रात करीब 9:45 बजे आग लग गई। वेस्ट मैनेजमेंट और केमिकल कचरे के निस्तारण का काम करने वाली इस यूनिट में लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और लपटें आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक पहुंच गईं, जिसके बाद कई यूनिटों को खाली कराना पड़ा। कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो गए। केमिकल ड्रमों में लगातार धमाके होने लगे, जिससे पूरा औद्योगिक क्षेत्र दहशत में आ गया। जिस समय आग लगी, उस वक्त करीब 10 मजदूर काम कर रहे थे, जिन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया गया।
कलेक्टर व एसपी पहुंचे
आग लगने की लपटे एक किलो मीटर दूर तक नजर आ रही थी, सेक्टर तीन के एक ब्लॉक में चार कंपनियां मौजूद है। उक्त दोनों कंपनियां रेलवे और डिफेंस सेक्टर की प्रमुख सप्लायर हैं, लेकिन इस घटना के बाद उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी, एसपी मयंक अवस्थी मौके पर पहुंचे व सबसे पहले पूरे क्षेत्र को खाली करवाया गया। पुलिस की दो टीमों को क्षेत्र में तैनात किया गया व आसपास की कंपनियों में नाईट शिफट काम कर रहे श्रमिको भी सुरक्षा कारणों के चलते बाहर निकाला गया। आग की चपेट में एक जेसीबी और एक हाइड्रा वाहन जलकर खाक हो गए हैं। लगातार कैमिकल के ड्रमों में धमाके सुनाई दे रहे हैं।

इंदौर से आया रोबोट
इंदौर नगर निगम सहित फायर स्टेशन से फायर गाडियों को ब्डीै संख्या में रात ही में बुलाया गया था, दो दर्जन से अधिक फायर वाहन, 250 के करीब नगर पालिका के पानी के टैंकरों से आग बूझाने का प्रयास किया गया। साथ ही आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए फायर रोबोट भी दो बुलाए गए थे। साथ ही रेत-बजरी के डंपरों को भी आग पर डाला गया, ताकि आग अन्य स्थानों पर नहीं फैले। एक कंपनी के अधिकारी सूरज भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि रात में उनकी सेकंड शिफ्ट चल रही थी, तभी आग की लपटें दिखते ही कर्मचारी तुरंत बाहर निकल गए। फायर ब्रिगेड की मदद से जरूरी और स्पेशल मशीनों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

आपत्ति के बाद भी निराकरण नहीं
स्लीपलूप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और BSE लिस्टेड गलार्ड स्टील लिमिटेड के मालिक जौहर काला ने आरोप लगाया है कि पास की यूनिट में लगी आग से उनकी पूरी प्लांट और मशीनरी जलकर खाक हो गई, जिससे दोनों कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है। पिछले चार वर्षों में इस औद्योगिक क्षेत्र में यह चौथी बार आग की घटना हुई है और इसे वे महज दुर्घटना नहीं मानते। उनके अनुसार, यह स्थिति लगातार दोहराई जा रही है। जौहर काला ने आरोप लगाया कि उन्होंने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई तक कई बार शिकायत की थी, जिसमें उन्होंने क्षेत्र में खतरनाक कचरे के निस्तारण को लेकर आपत्ति जताई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

इनका कहना हैं, कि
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पीथमपुर सेक्टर-3 स्थित ‘हजारगो’ कंपनी में इंडस्ट्रियल वेस्ट के निस्तारण के दौरान ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग लगी, जो फैलकर एक-दो अन्य कंपनियों तक पहुंची। फिलहाल दोनों प्रभावित कंपनियों में आग को नियंत्रित कर लिया गया है। धुआ उठने के साथ कुछ स्थानों पर रुक-रुककर आग की लपटे उठ रही हैं, जिसे तुरंत ही काबू पाया जा रहा है। करीब 90 प्रतिशत आग पर काबू पा लिया गया है। अवस्थी के अनुसार अभी किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। आग पूरी तरह बुझने के बाद विशेषज्ञों की एक टीम जांच के लिए कंपनियों का सर्वे करेगी, जिसके बाद ही नुकसान का आंकलन किया जा सकेगा। पुलिस अधिकारी मौके पर मुस्तैद है, और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
धार
झाबुआ जिला अस्पताल में धार की बहू ने बिना ऑपरेशन के दिया तीन बेटियों को जन्म
मां और तीनों बच्चों की सेहत में लगातार हो रहा सुधार, डॉक्टर बोले – ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्प
धार, झाबुआ। जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उत्कृष्ट सूझबूझ और कुशलता के चलते एक महिला ने बिना किसी जटिल ऑपरेशनके सामान्य प्रसव के जरिए एक साथ तीन स्वस्थ बेटियों को जन्म दिया। वर्तमान में मां और तीनों नवजात बच्चियां पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
ऐसे मामलों में ऑपरेशन का ही विकल्प : प्राप्त जानकारी के अनुसार धार जिले के ग्राम कुशलपुरा की निवासी श्रीमती रीना पति सुकराम जिनका मायका झाबुआ का गोपालपुरा है को प्रसव पीड़ा होने पर झाबुआ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गर्भ में तीन बच्चे होने के कारण यह मामला बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा था। आमतौर पर ऐसे मामलों में डॉक्टर सिजेरियन ऑपरेशन का ही विकल्प चुनते हैं, लेकिन यहाँ की मेडिकल टीम ने अपनी काबिलियत और धैर्य का परिचय देते हुए पूरी तरह सामान्य और सफल प्रसव कराया।
चिकित्सकों के अनुसार, जन्म लेने वाली तीनों बेटियों का वजन अलग-अलग है पहली बेटी: 1.2 किलोग्राम, दूसरी बेटी: 1.3 किलोग्राम, तीसरी बेटी: 1.8 किलोग्राम कम वजन होने के कारण पहली और दूसरी बच्ची को एहतियात के तौर पर एनआईसीयू शिशु गहन चिकित्सा इकाई में विशेष डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। वहीं, 1.8 किलो वजन वाली तीसरी बेटी पूरी तरह सामान्य होकर वार्ड में अपनी मां के पास है। डॉक्टरों ने बताया कि चारों की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।
इस बेहद चुनौतीपूर्ण प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में झाबुआ जिला अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिष्ठा चौहान, नर्सिंग ऑफिसर मंजू निनामा और हिमानी खतरकर सहित लेबर रूम के पूरे स्टाफ की मुख्य भूमिका रही।
धार
धामनोद में नर्मदा पुल से कूदकर आत्महत्या की कोशिश कर रहे अधेड़ को पुलिस ने बचाया
डायल-112 की एफआरवी गाड़ी सूचना मिलते की चंद मिनटों में पहुंची, परिजनों के सुपुर्द किया
धार। मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा की तत्परता और सूझबूझ से एक व्यक्ति की जान बच गई। खलघाट स्थित नर्मदा नदी के बड़े पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक 45 वर्षीय अधेड़ को पुलिस स्टाफ ने ऐन वक्त पर पहुंचकर सुरक्षित बचा लिया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार 112 कंट्रोल रूम को एक आपातकालीन सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि खलघाट स्थित नर्मदा ब्रिज पर एक व्यक्ति खड़ा है और नदी में कूदकर अपनी जान देने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी गाड़ी तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस कर्मियों ने बिना एक पल गंवाए घटना स्थल पर पहुंचकर तत्परता दिखाई और आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्ति को सूझबूझ से सुरक्षित पकड़ लिया।
परिजनों के सुपुर्द किया
पुलिस पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम राकेश म्हाले निवासी ऊन जिला खरगोन बताया। डायल-112 स्टाफ व्यक्ति को सुरक्षित बचाकर धामनोद थाने लेकर आया, जहां पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया। इसके बाद थाने में व्यक्ति की उचित काउंसलिंग की गई और उसे सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। अपनों को सही-सलामत पाकर परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
धार
बिखरौन में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
जहर खाकर सुसाइड की आशंका, 1 महीने पहले ही हुई थी शादी
धार। ग्राम बिखरौन में एक नवविवाहिता की जहरीला पदार्थ के सेवन से मौत हो गई। धामनोद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिखरौन निवासी मीनाक्षी की शादी लगभग एक महीने पहले मनावर निवासी संजय निगवाल से हुआ था। शादी के बाद मीनाक्षी अपने मायके बिखरौन आई हुई थी।
मंगलवार को अज्ञात कारणों से मीनाक्षी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल धामनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने मीनाक्षी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल धार रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत धामनोद पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर धामनोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। बुधवार को पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी के एक माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से परिवार सदमे में है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। धामनोद पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और मौत के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
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