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धार

भोजशाला में दर्शन के बाद बोले गौतम खट्टर – अब यह पूर्णतः शाश्वत मंदिर, नेता श्रेय लेने के बजाय विजय मंदिर को मूल स्वरूप में लौटाएं

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लंदन से जल्द आए मां वाग्देवी की एक हजार साल पुरानी प्रतिमा, केंद्र सरकार करे कोर्ट के आदेश का पालन

धार। इंदौर हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद पहली बार भोजशाला पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता गौतम खट्टर ने मां सरस्वती के दर्शन किए। इस दौरान भोज उत्सव समिति के गोपाल शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें भोजशाला के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया।

भोजशाला में हुए बदलावों पर चर्चा करते हुए गौतम खट्टर ने कहा, पिछली बार जब मैं यहां आया था, और आज जब आया हूँ, तो तीन बड़े परिवर्तन साफ नजर आ रहे हैं। पहले यहां नमाज होती थी, जो अब न्यायालय के सख्त आदेश के बाद पूरी तरह बंद हो चुकी है। अब यह पूर्ण और शाश्वत रूप से मां सरस्वती का मंदिर है, जहां सुबह-शाम नियमित रूप से आरती हो रही है।

लंदन से मां वाग्देवी की प्रतिमा लाने का आग्रह
लंदन में मौजूद मां वाग्देवी की प्रतिमा की वापसी पर उन्होंने कहा कि न्यायालय ने केंद्र सरकार को इस संबंध में आदेशित किया है। हम सभी केंद्र सरकार से पुरजोर आग्रह करते हैं कि अदालत के आदेश का जल्द से जल्द पालन किया जाए और मां सरस्वती की 1 हजार साल पुरानी प्राचीन प्रतिमा को लाकर यहां पुनर्स्थापित किया जाए, ताकि सनातनियों की आस्था को उसका मूल केंद्र मिल सके।

श्रेय लेने की होड़ पर नेताओं को घेरा
भोजशाला मुद्दे पर राजनीतिक दलों में श्रेय लेने की मची होड़ पर खट्टर ने कहा कि समाज के संघर्षों का श्रेय अंततः नेता ले ही लेते हैं, यह उनकी पुरानी आदत है। लेकिन समाज को कभी नहीं भूलना चाहिए कि यह लड़ाई किसने लड़ी। जब यहां भय का माहौल था, लोग बात करने से भी कतराते थे कि कहीं उनके परिवारों पर हमला न हो जाए, उस दौर में गोपाल शर्मा ने अग्रिम मोर्चे पर आकर बिना किसी डर के यह लड़ाई लड़ी। उन्होंने इस कानूनी जीत का पूरा श्रेय सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हरि शंकर जैन, विष्णु शंकर जैन और भोपाल के वकीलों की टीम को दिया, जिन्होंने रात-दिन कागजात तैयार कर यह विधिक युद्ध जीता।

सामर्थ्य है तो मस्जिद और गुंबद का स्वरूप बदलें नेता
क्रेडिट लेने वाले नेताओं को चुनौती देते हुए गौतम खट्टर ने कहा कि अगर मौजूदा सरकार और नेताओं में सचमुच सामर्थ्य है, तो वे भोजशाला के ठीक बाहर स्थित गुंबद के ढांचे को परिवर्तित करें, जहां प्राचीन सरस्वती कूप, हनुमान जी और शिव जी का मंदिर है।

विजय मंदिर लाट मस्जिद के रूप में परिवर्तित है
उन्होंने आगे कहा, राजा भोज ने जिस समय भोजशाला बनवाई थी, उसी काल में विजय मंदिर का भी निर्माण कराया था। आज वह विजय मंदिर लाट मस्जिद के रूप में परिवर्तित है, जहां कल बकरीद पर भी नमाज पढ़ी गई। जो नेता आज क्रेडिट लेने के लिए आगे आ रहे हैं, वे इस विजय मंदिर को उसके मूल स्वरूप में लाएं। मुझे पता है कि नेता यह नहीं कर पाएंगे; इसके लिए भी भविष्य में हमारे सामाजिक योद्धाओं और अधिवक्ताओं को ही संघर्ष करना होगा। इसमें थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन परिवर्तन निश्चित है।

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धामनोद में नर्मदा पुल से कूदकर आत्‍महत्‍या की कोशिश कर रहे अधेड़ को पुलिस ने बचाया

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डायल-112 की एफआरवी गाड़ी सूचना मिलते की चंद मिनटों में पहुंची, परिजनों के सुपुर्द किया

धार। मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा की तत्परता और सूझबूझ से एक व्यक्ति की जान बच गई। खलघाट स्थित नर्मदा नदी के बड़े पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे एक 45 वर्षीय अधेड़ को पुलिस स्टाफ ने ऐन वक्त पर पहुंचकर सुरक्षित बचा लिया।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्‍त जानकारी के अनुसार 112 कंट्रोल रूम को एक आपातकालीन सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि खलघाट स्थित नर्मदा ब्रिज पर एक व्यक्ति खड़ा है और नदी में कूदकर अपनी जान देने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी गाड़ी तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस कर्मियों ने बिना एक पल गंवाए घटना स्थल पर पहुंचकर तत्परता दिखाई और आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्ति को सूझबूझ से सुरक्षित पकड़ लिया।

परिजनों के सुपुर्द किया
पुलिस पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम राकेश म्हाले निवासी ऊन जिला खरगोन बताया। डायल-112 स्टाफ व्यक्ति को सुरक्षित बचाकर धामनोद थाने लेकर आया, जहां पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया। इसके बाद थाने में व्यक्ति की उचित काउंसलिंग की गई और उसे सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। अपनों को सही-सलामत पाकर परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।

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बिखरौन में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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जहर खाकर सुसाइड की आशंका, 1 महीने पहले ही हुई थी शादी

धार। ग्राम बिखरौन में एक नवविवाहिता की जहरीला पदार्थ के सेवन से मौत हो गई। धामनोद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिखरौन निवासी मीनाक्षी की शादी लगभग एक महीने पहले मनावर निवासी संजय निगवाल से हुआ था। शादी के बाद मीनाक्षी अपने मायके बिखरौन आई हुई थी।

मंगलवार को अज्ञात कारणों से मीनाक्षी ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल धामनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने मीनाक्षी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल धार रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत धामनोद पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर धामनोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। बुधवार को पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी के एक माह बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से परिवार सदमे में है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। धामनोद पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और मौत के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

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मांडू के जंगलों में मिली सिर कुचली लाश मामले का खुलासा……पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

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जंगल में ले जाकर उतारा मौत के घाट, नातरे के विवाद में पत्थर से कुचलकर की थी निर्मम हत्या

धार। पर्यटन नगरी मांडू क्षेत्र के उण्डाखो के जंगलों में मिली अज्ञात लाश के अंधे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है, पूरा मामला नातरा प्रथा करवने के नाम पर एक युवक को बुलाकर सिर कुचलकर बेरहमी से हत्‍या करने का निकला है, पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है।

जंगलों में मिली थी पत्थरों से कुचली लाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 अप्रैल को उण्डाखो के घने जंगलों में ग्रामीणों को एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिला था। हत्यारे ने पहचान छुपाने के इरादे से मृतक का चेहरा और सिर पत्थरों से बुरी तरह कुचल दिया था। माण्डव पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और अज्ञात आरोपी के खिलाफजघन्य हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

तकनीकी साक्ष्यों से हुई मृतक की पहचान
केस अंधा था और पुलिस के पास न तो मृतक की पहचान थी और न ही कातिल का कोई सुराग। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी धार सचिन शर्मा, एएसपी विजय डावर और एसडीओपी धामनोद मोनिका सिंह के मार्गदर्शन में माण्डव थाना प्रभारी इंदलसिंह रावत की टीम और साइबर सेल धार ने जाल बिछाया। घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सबसे पहले मृतक की पहचान भेरूलाल पिता मूलचंद मुनिया निवासी मुल्थान थाना बदनावर के रूप में हुई।

फिर जंगल में ले जाकर उतारा मौत के घाट
पुलिस की कड़ाई से की गई विवेचना में सच सामने आया, जांच में पता चला कि आरोपी करण पिता तेरसिंह बघेल निवासी पिपलीमाल, हाल मुकाम बामनपुरी ने योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था। 4 अप्रैल को आरोपी करण ने भेरूलाल को नातरा प्रथा करवाने का लालच देकर बदनावर से बस द्वारा धार बुलाया। करण खुद मोटरसाइकिल लेकर धार पहुंचा और भेरूलाल को बैठाकर माण्डव होते हुए बामनपुरी अपने घर ले गया।

नातरे को लेकर दोनों में हुआ था विवाद
बामनपुरी में दोनों के बीच नातरे की बात को लेकर विवाद हो गया। गुस्साए करण ने भेरूलाल को ठिकाने लगाने उसे उण्डाखो के सुनसान जंगलों में ले गया और पत्थरों से पीट-पीटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी करण बघेल को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को जिला जेल धार भेज दिया गया है।

इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में माण्डव थाना प्रभारी निरीक्षक इंदलसिंह रावत, एएसआई भेरूसिंह देवड़ा, प्रधान आरक्षक मनोहर निंगवाल, आरक्षक जितेंद्र कन्नोजे, आरक्षक सुशील किराड़े, महिला आरक्षक सपना जमरे और धार साइबर सेल की सराहनीय भूमिका रही।

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