धार
भोजशाला : ऑर्डर की कॉपी का इंतजार, इसके बाद होगा नमाज के स्थान पर निर्णय
परिसर से सटे खुले स्थान पर नमाज की हो सकती व्यवस्था, मौसम खुला रहा तो बसंत पंचमी की तरह पढ़ी जाएगी नमाज
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की तैयारी, 350 का अतिरिक्त पुलिस लगेगा
धार की भोजशाला परिसर से लगे खुले स्थान पर नमाज की व्यवस्था करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्थाो की थी, किंतु कोर्ट के इस आदेश की कॉपी अभी तक अपलोड नहीं हो पाई है। ऐसे में कल 17 जुलाई को दोपहर में जुम्मे की नमाज भोजशाला के नजदीक होगी या नही इसको लेकर अभी तक संशय बना हुआ है। मुस्लिम समाज से लेकर जिला प्रशासन कोर्ट के आदेश की कॉपी का इंतजार कर रहा है। कॉपी मिलते ही प्रशासन कानूनी जानकारों से चर्चा करेगा, इसके बाद एएसआई व जिला प्रशासन की एक बैठक होगी। जिसके बाद आगामी निर्णय निर्णय लिया जाएगा। सदर अब्दुल समद के अनुसार आदेश की कॉपी अपलोड नहीं हुई हैं, जिसका इंतजार किया जा रहा है। वैसे भी यह आदेश कोर्ट ने अभी अंतरिम आदेश दिया है। यह अंतिम फैसला नहीं है, समाज की और से अभिभाषक आगामी तारीखों पर अपना पक्ष रखेंगे।
यह हुआ था कोर्ट में
ऐतिहासिक भोजशाला परिसर से सटे हुए खुले स्थान पर मुस्लिम समाज नमाज पढ सकेगा। यह आदेश हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच होने वाले नमाज के लिए है। मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को 14 जुलाई को सुनवाई हुई, कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से यह भी कहा कि बिना कोर्ट की मंजूरी परिसर में किसी भी तरह का बदलाव न करें। सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला-कमाल मौला परिसर को लेकर मुस्लिम पक्षों की याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। इन याचिकाओं में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर माना गया था और परिसर में नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। यानी पहले जैसी व्यवस्था बहाल नहीं होगी, जिसके तहत शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को नमाज और निर्धारित दिनों में हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस विवाद पर आगे की सुनवाई बाद में होगी।
हाईकोर्ट ने ये दिया था आदेश
दरअसल 15 मई 2026 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने फैसले में भोजशाला-कमाल मौला परिसर को मां सरस्वती का मंदिर माना था। अदालत ने परिसर में नमाज अदा करने पर रोक लगाते हुए हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार दिया था। हाईकोर्ट का यह फैसला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अब सर्वोच्च अदालत सभी पक्षों की दलीलें, एएसआई रिपोर्ट, ऐतिहासिक अभिलेख और कानूनी पहलुओं का परीक्षण करेगी। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को शांतिपूर्ण ढंग से संभाला है। उन्होंने कहा कि आदेश लागू होने के बाद क्षेत्र में किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या सामने नहीं आई और प्रशासन ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखा है। सुनवाई के बाद भोजशाला संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार भोजशाला में नियमित पूजा-अर्चना जारी रहेगी। वहीं, तय जगह पर मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा कर सकेंगे।
शहर में बढी सुरक्षा
जुम्में की नमाज को लेकर प्रशासन अलर्ट हैं, एसपी सचिन शर्मा के निर्देशन में शहर में अतिरिक्ता पुलिसबल तैनात करने की तैयारी है। हालांकि जिला प्रशासन भी ऑर्डर की कॉपी का इंतजार कर रहा हैं, इधर पुलिसबल जरुर अलर्ट है। प्रशासन की तैयारियों के अनुसार देर रात तक भी आदेश को लेकर कोई जानकारी आती हैं, तो नगर के प्रमुख मार्गों पर सुबह से ही पुलिस रहेगी। भोजशाला के पहुंचकर मार्ग पर लगातार पुलिसबल भ्रमण करेगी। भोजशाला के 100 मीटर दायरे पर थ्री लेयर सुरक्षा रहेगी। टीआई, डीएसपी व एसडीओपी सहित करीब 350 का पुलिसबल सुरक्षा के चलते मौजूद रहेगा।
प्रशासन की परीक्षा
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का पालन करवाने की सबसे बडी जिम्मेपदारी जिला प्रशासन की है। प्रशासन को सबसे पहले जुमे की नमाज पढाने के लिए वैकल्पिक स्थान तय करना होगा, जो न्यायालय की भावना और सुरक्षा मानकों के अनुरुप हो। इसके साथ ही पूजा और नमाज के लिए आने वाले लोगों के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकासी मार्ग तय करना, सुरक्षा घेरा बनाना, भीड नियंत्रण करने जैसे महत्ववपूर्ण तैयारी करनी होगी। कल 17 जुलाई को प्रशासन की परीक्षा का दिन होगा। इधर बारिश का मौसम होने से नमाज को किसी खुले स्थान पर करवाने में दिक्कसत आएगी। ऐसे में नमाजियों के लिए अस्थाहई टैंट की व्यवस्थास करनी होगी।
बसंत पंचमी की व्यवस्था बनेगी मॉडल
दरअसल साल के पहले माह जनवरी में भी सुप्रीम कोर्ट ने इसी प्रकार की व्यवस्थाथ करने के निर्देश दिए थे। दिनांक 22 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के अवसर पर प्रशासन ने दोनों समाज की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेते हुए अलग-अलग व्यवस्था की थी। उस दिन हिंदू समाज ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक भोजशाला में अखंड पूजा-अर्चना की थी, जबकि मुस्लिम समाज के लिए बाहरी क्षेत्र में वैकल्पिक स्थान पर नमाज की प्रशासन व्यवस्था की गई थी। दोनों समुदायों के आने-जाने के रास्ते भी अलग रखे गए थे। प्रशासन उस समय पूरे. आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सफल रहा था। शहर में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी, ऐसे में इस मर्तबा उसी मॉडल को आधार बनाया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत है। हिंदू समाज को भोजशाला परिसर में पूजा का अधिकार यथावत मिला है। नमाज को लेकर हमारा कोई विरोध नहीं है। भोजशाला के 100 मीटर संरक्षित और 300 मीटर आरक्षित क्षेत्र से बाहर कहीं भी नमाज हो, हमें कोई आपत्ति नहीं है। अलग से व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेसदारी हैं, हमारी पूजा मंदिर में ही होगी।
- गोपाल शर्मा, संयोजक, भोज उत्सव समिति
कमाल मौला मस्जिद में मुस्लिम समाज कई वर्षों से जुमे से की नमाज अदा करता आया है। कुछ दिन पूर्व व्यवस्था बंद हो गई थी, जिसके खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। कोर्ट ने अभी अंतरिम आदेश दिया है। यह अंतिम फैसला नहीं है, अब प्रशासन को नमाज पढवाने की उचित व्यवस्था करना है।
- जुल्फिकार पठान, सदर, नमाज इंतजामिया कमेटी
धार
कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने नन्हें शटलर इश्मित अरोरा को दिए 51 हजार, बोले- उचित प्रोत्साहन से बढ़ता है आत्मविश्वास
अंडर-13 ऑल इंडिया में विजेता रह चुके है इश्मित आरोरा
धार। कलेक्टरराजीव रंजन मीना ने खेलों को बढ़ावा देने और प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नन्हें शटलर इश्मित अरोरा को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया। अंडर-13 ऑल इंडिया बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेता इश्मित को यह राशि सीआरएस फंड के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है, ताकि उन्हें बेहतर खेल सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ना जरूरी : कलेक्टर
इस अवसर पर कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि खिलाड़ियों के श्रेष्ठ प्रदर्शन में उनके पालकों का अहम योगदान होता है। उचित प्रोत्साहन से ही खिलाड़ी आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपनी खेल प्रतिभा में निखार लाते हैं। उन्होंने इश्मित के स्पष्ट लक्ष्य और उसकी निरंतर मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि इश्मित निश्चित ही भविष्य में और ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। साथ ही, उन्होंने धार में खेल संस्थाओं द्वारा खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन की भी सराहना की।
इस अवसर पर इश्मित अरोरा के माता-पिता श्रीमती शिखा अरोरा एवं लक्की अरोरा, जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष पं. छोटू शास्त्री, धार लिटिल शटलर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष शरदचंद्र निगम और जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव सलीम खान उपस्थित थे। इस दौरान बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने नन्हें शटलर को प्रोत्साहित करने के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
धार
युवती ने खुद को आग लगाकर की आत्महत्या…….मरने के पहले 22 पेज का सुसाईड नोट लिखा
पारिवारिक प्रताड़ना, छेड़छाड़, ब्लैकमेलिंग और मंगेतर द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित की बात लिखी
युवती की मौत का राज डायरी से खुला, अब जांच में जुटी पुलिस
धार। औद्योगिक नगरी पीथमपुर के सागौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोती नगर कॉलोनी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 23 वर्षीय युवती नेहा कछवाया ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को मृतका की 22 पन्नों की एक सुसाइड डायरी सौंपी है, जिसमें पारिवारिक प्रताड़ना, छेड़छाड़, ब्लैकमेलिंग और मंगेतर द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के खौफनाक खुलासे हुए हैं। पुलिस ने डायरी जब्त कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

पीथमपुर क्षेत्र के सागौर थाना अंतर्गत मोती नगर कॉलोनी निवासी नेहा कछवाया उम्र 23 साल ने एक दिन पूर्व की है। मृतिका के भाई रितेश कच्छवाया ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य रात करीब 10:30 बजे खाना खाकर सो गए थे। रात करीब 2:00 बजे अचानक नेहा के कमरे से चिल्लाने की आवाज आई। जब परिजन दौड़कर पहुंचे, तो कमरे में भीषण आग लगी हुई थी और भारी धुआं फैला था। सामने वाले घर से पानी की मोटर चलाकर आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक नेहा पूरी तरह जल चुकी थीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां पर पुलिस को घटना स्थल से मिली नोट बुक में 22 पन्नों की डायरी में नेहा ने अपनी मौत के पीछे कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक पीथमपुर कमल सिंह चौहान और सागोर थाना प्रभारी प्रकाश सरोदे ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
अब पढे युवती का दर्द
नेहा ने लिखा कि उनके भाई रितेश की पत्नी रीना गोयल और उनके मायके पक्ष के लोग पूरे परिवार को लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। भाभी ने नेहा के दिवंगत पिता रमेशचंद्र कच्छवाया पर बेहद घिनौने और झूठे लांछन लगाए थे, जिससे आहत होकर उनके पिता को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। परिवार ने गंभीर आर्थिक तंगी के बावजूद चांदी के जेवर 20,000 रुपये में गिरवी रखकर भाभी के लिए पायल खरीदी थी, लेकिन इसके बाद भी क्लेश खत्म नहीं हुआ। नेहा ने आगे लिखा कि भाभी के भाई महेश गोयल ने घर रीना के नाम न करने पर पूरे परिवार को झूठे दहेज केस में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं, नेहा ने आरोप लगाया कि भाभी के भाइयों ने उनके साथ छेड़छाड़ की थी और विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे।
मंगेतर ने भी नहीं दिया साथ
युवती ने आगे लिखा कि कुछ समय पूर्व भाभी के मायके जाकर खुद दवा खाकर गर्भपात करने का मामला भी सामने आया था, जिसका झूठा आरोप रीना के परिवार ने नेहा के पिता पर मढ़ दिया था। नेहा ने एक फोन कॉल रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया है, जिसमें भाभी अपने जीजा से आपत्तिजनक बातें कर रही थीं, जिससे उनके पिता बेहद दुखी थे। पारिवारिक क्लेश के अलावा नेहा अपनी निजी जिंदगी में भी गंभीर दौर से गुजर रही थीं। उन्होंने अपने मंगेतर सुनील परिहार, उसके परिवार के सदस्यों (विष्णु सुमेरिया और रामचंद्र सुमेरिया) तथा सुनील की एक महिला मित्र विशाखा पर भी गंभीर मानसिक प्रताड़ना और सरेआम जलील करने के आरोप लगाए हैं। नेहा के अनुसार, इन सभी चौतरफा परिस्थितियों और ब्लैकमेलिंग के कारण वह पिछले कई दिनों से भारी मानसिक दबाव और अवसाद में जी रही थीं।
पीएम व सीएम से की अपील
नेहा ने अपने इस आखिरी पत्र में देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से एक विशेष भावुक अपील की। युवती ने लिखा कि देश में एक ऐसा आश्रम बनाया जाए जहां बिना बाप की बेटियां और ऐसी ननदें सम्मान से रह सकें जो जीते जी मार दी जाती हैं, ताकि भाई-भाभी के होते हुए भी कोई बहन खुद को अनाथ महसूस न करे। इसके साथ ही नेहा ने अपनी छोटी बहन आरती के लिए एक बेहद भावुक संदेश छोड़ा है, जिसमें उन्होंने आरती को हिम्मत से रहने, खूब पढ़ाई करने और माता-पिता की जगह घर की जिम्मेदारी संभालने की बात कही है।
इनका कहना हैं, कि
थाना प्रभारी उप-निरीक्षक प्रकाश सरोदे ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीएससी (CSC) पीथमपुर भेज दिया था। मृतिका के परिजनों द्वारा सौंपी गई 22 पन्नों की नोटबुक को विधिवत जब्त कर लिया गया है और उसमें लिखे तथ्यों का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मामले की हर कोण से जांच की जा रही है और विधिक राय लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
धार
बाग पुलिस ने 12 वर्षीय साली की हत्या कर फरार चल रहे आरोपी जीजा को महाराष्ट्र से दबोचा
साली को जंगल में ले जाकर कुएं में धक्का देकर कर दी थी हत्या, इंस्टाग्राम लव स्टोरी और पारिवारिक रंजिश बनी वजह
धार। बाग थाना पुलिस ने 12 वर्षीय नाबालिग साली की हत्या कर फरार चल रहे आरोपी जीजा को फिल्मी स्टाइल में पीछा करते हुए महाराष्ट्र के शाहदा से गिरफ्तार कर लिया है, पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।
कुएं में मिली थी नाबालिग की लाश
पुलिस के अनुसार, बीती 12 जुलाई को ग्राम रिसावला से एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की लापता हो गई थी। परिजनों ने उसके सगे जीजा अनिल पिता शेरसिंह निवासी सेवरिया, जोबट पर भगा ले जाने का संदेह जताया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, तो लापता बालिका की लाश पाडलिया घाटी के पास वन विभाग के एक सीमेंटेड कुएं में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सचिन शर्मा, एएसपी विजय डावर और एसडीओपी कुक्षी सुनील गुप्ता के मार्गदर्शन में बाग थाना प्रभारी हिरुसिंह रावत के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।
इंस्टाग्राम लव स्टोरी और पारिवारिक रंजिश बनी वजह
पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी अनिल ने फरवरी 2026 में इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद मृतका की बड़ी बहन को भगाकर शादी की थी। हाल ही में उसकी पत्नी अपने मायके गई थी, जिसने वापस आने से मना कर दिया और परिजनों ने भी रिश्ता तोड़ने की बात कही। इसी बात से गुस्साए अनिल ने बदला लेने की नीयत से अपनी 12 वर्षीय साली को जंगल में ले जाकर कुएं में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
गुजरात से महाराष्ट्र तक पीछा कर दबोचा
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बस पकड़कर गुजरात भाग गया था। पुलिस टीम को जब उसके मोरबी गुजरात में होने की सूचना मिली, तो एक टीम वहां भेजी गई। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से महाराष्ट्र की तरफ भाग निकला। इसके बाद पुलिस की दूसरी टीम ने पीछा करते हुए शाहदा महाराष्ट्र में घेराबंदी कर 24 वर्षीय आरोपी अनिल दोहदिया को धर दबोचा। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे कुक्षी न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
आरोपी को पकड़ने में बाग थाना प्रभारी निरीक्षक हिरुसिंह रावत, उप निरीक्षक प्रमिला जमरे, एएसआई कमलेश राठोडिया, लोकेश रायपुरिया, दशरथ चौहान, प्रधान आरक्षक भावसिंह रावत, लोकेश शुक्ला, सखाराम गोखले, आरक्षक राजू चौहान, मुकेश किराड, सीताराम डोडवे, दुर्गेश चौहान और सायबर सेल के प्रशांत चौहान की सराहनीय भूमिका रही।
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