31 अगस्त तक हल नहीं निकला तो कर्मचारी अनइंस्टॉल कर बहिष्कार करेंगे
धार। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ वन विभाग प्रकोष्ठ ने वनमंडल धार में फील्ड स्टाफ की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर मोर्चा खोल दिया है। संघ ने डीएफओं को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं का 31 अगस्त तक लिखित समाधान करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तय सीमा में समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो 1 सितंबर से कर्मचारी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे और दबाव बनाने पर हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
वन कर्मचारियों की ड्यूटी 24 घंटे और पूरे 365 : संघ के जिलाध्यक्ष विनोद राठौर द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, 1 सितंबर से फील्ड स्टाफ के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस लागू करने के निर्देश दिए गए हैं हालांकि, वन कर्मचारियों की ड्यूटी 24 घंटे और पूरे 365 दिन रहती है। ऐसे में संघ ने फील्ड स्टाफ के लिए प्रमुख सवाल उठाए हैं।
1 माह का अतिरिक्त वेतन भत्ते की भी मांग : मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने बताया कि 8 घंटे की ऑनलाइन ड्यूटी खत्म होने के बाद यदि कार्यक्षेत्र में कोई अवैध गतिविधि होती है, तो संबंधित कर्मचारी पर होने वाली दंडात्मक कार्रवाई और रिकवरी से उसे कैसे संरक्षण मिलेगा? पुलिस विभाग की तर्ज पर 365 दिन कार्य करने वाले वनकर्मियों को 1 माह का अतिरिक्त वेतन और ड्यूटी समय के बाद आपात स्थिति में बुलाए जाने पर अतिरिक्त भत्ते की व्यवस्था की जाए। मोबाइल व डेटा उपलब्ध कराने के साथ ही गैर-तकनीकी श्रेणी के वनरक्षकों को तकनीकी दर्जा देकर प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, क्योंकि उनसे KML फाइल और वन सुविधा ऐप जैसे काम लिए जा रहे हैं।
अनइंस्टॉल कर बहिष्कार करेंगे : संघ ने आरोप लगाया कि वनरक्षक ऐप शासन स्तर से स्वीकृत नहीं है, इसे धार वनमंडल में जबरन लागू किया जा रहा है। मांग पूरी न होने पर कर्मचारी इसे अनइंस्टॉल कर बहिष्कार करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था से अवकाश के दिनों में भी उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि 31 अगस्त तक लिखित आश्वासन न मिलने पर 1 सितंबर से ऑनलाइन अटेंडेंस का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।
