ऐतिहासिक फैसला : जमीन के पुराने विवाद में खूनी संघर्ष करने वाले 13 आरोपियों को धार कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

मृतक के बेटे और बहू की गवाही बनी न्याय का आधार, धारिया व लठ्ठ हमला कर की थी हत्‍या

धार। तिरला ब्लॉक के ग्राम आहू में किसान की हत्या करने वाले 13 आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं, मृतक कैलाश पाटीदार की हत्या उसके ही बडे भाई व परिजनों ने की थी। आरोपियों ने जमीन से जुडे पुराने विवाद के कारण घटना को अंजाम दिया था। मृतक के बेटे व बहू ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी, इसी आधार पर कोर्ट ने जघन्य हत्याकांड के मामले में आरोपियों को सजा सुनाते हुए 52 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट में अभिभाषक ने 97 अभियोजन के दस्तावेज प्रस्तुत भी किए थे।

यह था मामला
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले अति. शासकीय लोक अभियोजक शरद पुरोहित ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना दिनांक 18 मार्च 2023 को थाना तिरला के ग्राम आहु स्थित सिलोदी खेत पर कैलाश पाटीदार अपने पुत्र व बहु के साथ दोपहर के समय खेत पर गेंहु कटवानें गया था तभी कैलाश के बड़े भाई का परिवार एवं अन्य आरोपीगण पुराने जमीन के विवाद को लेकर कहासुनी करने आए थे। कुछ देर बाद ही आरोपियों ने कैलाश पर धारिया व लठ्ठ लेकर एकमत होकर आए। कैलाश व उसके पुत्र आलोक व बहु रानुबाई के साथ मारपीट की गई, जिसमें कैलाश को धारिये से सिर, व पैर के दोनों ओ चोट आई थी। परिवार के सदस्य कैलाश को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर उपचार के दौरान की कैलाश की मौत हो गई थी।

पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण
पुलिस ने घायल आलोक व रानुबाई की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरु की। प्रकरण का अनुसंधान तत्कालीन निरीक्षक जयराम सोलंकी व उनि प्रमोद चौहान द्वारा की गई। पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपी विष्णु, मोहित, विक्रम, राधेश्याम, विजय, भगवान, लक्ष्मी बाई, ममता बाई, घनश्याम, गौतम, कालुराम व जयेश को गिरफ्तार किया गया। अभिभाषक पुरोहित के अनुसार पुलिस ने अभियोग पत्र जांच के बाद चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती संगीता पटेल के न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण में 18 अभियोजन साक्षियों के कथन व 97 अभियोजन दस्तावेजों व जब्त शुदा 16 आर्टिकल को न्यायालय के समक्ष परीक्षण हेतु रखे गए थे। प्रकरण में आरोपी पक्ष की और से 07 बचाव साक्षियों के कथन व 55 दस्तावेजों को रखा गया। न्यायालय द्वारा समस्त दस्तावेज व साक्षियों का सुक्ष्मता में परीक्षण किया गया।

महिला को पुन भेजा जेल
प्रकरण में कोर्ट ने साक्षी आलोक व रानुबाई के न्यायालय कथन पर घटना की पुष्टि पाते हुए व मृतक कैलाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के डॉक्टर राहुल भामर के कथनों के आधार पर सभी आरोपियों को सजा सुनाई गई है। आरोपी लक्ष्मी बाई पूर्व से जमानत पर होने से उसे न्यायालय अभिरक्षा में लेकर जिला जेल धार भेजा गया व शेष आरोपीगण पूर्व से जेल में बंद होने से उनका सजा वारंट तैयार किया गया है। प्रकरण में शासन की ओर से अति. शासकीय लोक अभियोजक शरद पुरोहित द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।

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