धोखे से टूटी नाबालिग ने तालाब में लगाई छलांग, नाबालिग ने पुलिस को सुनाई आपबीती
पुलिस ने मामले में दोस्तों सहित पांच लोगो को दर्ज किया प्रकरण, दो आरोपी किए गिरफ्तार!
धार जिले में एक नाबालिग युवती के साथ प्रेमी द्वारा धोखा देने और शादी के झांसे में शारीरिक संबंध बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि प्रेमी ने उसे धार लाकर आठ दिन तक एक कमरे में रखा और बार-बार शारीरिक संबंध बनाए, बाद में संपर्क तोड़ दिया। इससे मानसिक रूप से टूटी युवती ने अमझेरा तालाब में छलांग लगा दी, जहां से स्थानीय लोगों ने उसे बचाया और अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने गंभीर धाराओं में जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच राजगढ़ थाने को सौंपी है। राजगढ पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।
शादी से पहले प्रेमी के साथ भागी,
पीड़िता मुस्कान (बदला हुआ नाम) अमझेरा थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि वह करीब दो साल से निलेश डावर निवासी उमरिया बडा थाना नौगाँव, जिला धार को जानती है, जिसकी मुलाकात एक रिश्तेदार की शादी में उसके गांव में हुई थी। मोबाइल नंबर के जरिए दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और प्रेम संबंध हो गए।
आठ दिन तक धार स्थित कमरे पर रखा
युवती की सगाई छह-सात महीने पहले आकाश निवासी मोगजीपाडा से तय हुई और शादी 2 अप्रैल 2026 को होनी थी। इसकी जानकारी जब निलेश को हुई तो उसने युवती से कहा कि वह आकाश से शादी न करे और उससे शादी कर ले। 24 मार्च को युवती अपने पिता के साथ राजगढ़ शादी के कपड़े लेने गई थी, जिसकी पूर्व सूचना उसने निलेश को दे दी थी। निलेश ने अपने दोस्त बलराम को मस्जिद वाली गली में बाइक लेकर खड़ा करने को कहा और युवती को धार बुला लिया।
दोपहर करीब 3:30 बजे बलराम युवती के पास आया और निलेश का का नाम लेकर उसे अपने साथ ले गया। युवती बलराम की बाइक पर बैठकर धार पहुंची, जहां निलेश उसे शीतल दीदी और आकाश भईया के कमरे पर ले गया। वहां उसे करीब आठ दिनों तक रखा गया, जिस दौरान निलेश ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में निलेश ने कहा कि वह परिवार को शक न हो इसलिए अक्सर नहीं रहेगा, लेकिन आता-जाता रहेगा। कुछ दिनों तक वह तीन-चार दिन में आता, संबंध बनाकर चला जाता; कभी-कभी उसका दोस्त गोपाल भी आता, जिसे सबकी खबर थी।
परेशान होकर तालाब में छलांग लगाई
युवती के अनुसार, कुछ समय बाद निलेश ने मिलना बंद कर दिया और उसका मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया। करीब दो महीने तक निलेश का कोई संपर्क नहीं हुआ, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई। 26 अगस्त को वह धार से बस से अमझेरा पहुंची और निलेश से मिलने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद वह अमझेरा तालाब की पाल पर चली गई और निलेश के धोखे से परेशान होकर पानी में छलांग लगा दी। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने उसे चिल्लाते सुना और पानी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। रात को वह बहुत डरी हुई थी, इसलिए उसने किसी को कुछ नहीं बताया। अगले दिन 27 अगस्त को वह अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंची और पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।
अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना ने बताया कि युवती को तालाब से सुरक्षित बाहर निकालकर अमझेरा अस्पताल में उपचार कराया गया और वह अब स्वस्थ है। परिजनों को तत्काल सूचना दी गई थी। अमझेरा पुलिस ने मामले में शुन्य पर कायमी दर्ज कर इसे राजगढ़ थाने ट्रांसफर कर दिया है। प्रकरण भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के सहित पाक्सों एक्ट भी कार्रवाईकी गई है। आगे की जांच राजगढ़ पुलिस द्वारा की जाएगी। पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर निलेश और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी है।
राजगढ़ पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी सहित दो लोगो को गिरफ्तार कर लिया है, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के भी प्रयास किए जा रहे है। सूत्रों के अनुसार पुलिस पूरे मामले में 5 आरोपी बना रही है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
