धार में खैर तस्करी का बड़ा भंडाफोड़ : वन अमले की गाड़ी पलटाने की कोशिश

दो नंबर प्लेटों से गहराया रहस्य…..बड़े नेटवर्क का अंदेशा, अलीराजपुर कनेक्शन की भी होगी जांच

3 टन बेशकीमती लकड़ी के साथ रतलाम और नीमच के दो आरोपी गिरफ्तार

धार। जिले में वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने बीती रात खैर की लकड़ी की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। घाटाबिल्लौद रोड पर घेराबंदी कर एक पिकअप वाहन से करीब 3 टन बेशकीमती खैर की लकड़ी जब्त की गई है। कार्रवाई से बचने के लिए तस्करों ने वन अमले की गाड़ी को टक्कर मारकर पलटाने का प्रयास किया है, लेकिन मुस्तैदी दिखाते हुए टीम ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।

मुखबिर की सूचना के आधार पर रात करीब 3 बजे डीएफओ विजयनंथम टीआर के निर्देश और एसडीओ सुरेश बरोले के नेतृत्व में उड़नदस्ता प्रभारी राजेंद्र राठौर की टीम ने एक संदिग्ध महिंद्रा पिकअप का पीछा किया। वाहन रोकने का इशारा करने पर तस्करों ने रफ्तार बढ़ा दी और पीछा कर रहे वन विभाग के वाहन को पलटाने की नीयत से टक्कर मारने की कोशिश की। इस दौरान प्रभारी राठौर बाल-बाल बचे। कुछ दूर जाकर घेराबंदी कर जब वाहन को रोका गया, तो तिरपाल के नीचे 3 टन खैर की लकड़ी छिपी मिली।

दो नंबर प्लेटों से गहराया रहस्य
वन विभाग ने मौके से जावेद शेख निवासी नीमच और शादाब खान निवासी रतलाम को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि पिकअप में दो नंबर प्लेटें मौजूद थीं। वाहन पर एमपी-12-जेडडी-4830 (MP-12-ZD-4830) दर्ज था, जबकि अंदर से एमपी-42-जेडी-1243 (MP-42-JD-1243) नंबर की एक और प्लेट मिली। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लकड़ी हरदा जिले के खिरकिया क्षेत्र से भरकर राजस्‍थान की और ले जा रहे थे।

बड़े नेटवर्क का अंदेशा
डीएफओ विजयनंथम टीआर ने बताया कि जब्त खैर की लकड़ी की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये और वाहन की कीमत 4 से 5 लाख रुपये है। प्रारंभिक जांच में एक बड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आ रही है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि कटाई के मूल स्थान, खरीदारों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पर्दाफाश किया जा सके। फर्जी नंबर प्लेट के संबंध में आरटीओ को भी पत्राचार किया जा रहा है।

अलीराजपुर कनेक्शन की भी होगी जांच
ज्ञात हो कि जून 2024 में गुजरात में खैर से भरा ट्रक पकड़े जाने के बाद अलीराजपुर के मालवई गांव का नाम भी सुर्खियों में आया था। अब धार में पकड़ी गई इस बड़ी खेप के बाद वन विभाग यह भी जांच कर रहा है कि कहीं इन दोनों मामलों के तार एक ही सिंडिकेट से तो नहीं जुड़े हैं। फिलहाल वन अपराध दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश और मामले की जांच की जा रही है।

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