दत्तीगांव टोल पर परिवहन विभाग की कार्रवाई; ओवरलोडिंग, बिना परमिट और सुरक्षा में लापरवाही पर 8 बसों पर लगा जुर्माना
अभी भी पूरी तरह नहीं सुधरे हालात…..कई बसें बिना सुरक्षा मानकों के दौड़ रही
धार। शहर में बेखौफ दौड़ रही स्लीपर और यात्री बसों के मनमाने रवैये पर प्रकाशित प्रमुख खबर के बाद नींद से जागे क्षेत्रीय परिवहन विभाग ने सड़कों पर उतरकर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ‘सूत्र न्यूज’ की टीम ने धार क्षेत्र में 15 से अधिक बसों का रियलिटी चेक किया था। इस पड़ताल में बसों के भीतर न तो शासन द्वारा निर्धारित रेट लिस्ट चस्पा मिली थी और न ही प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध थे। यही नहीं, यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने और क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर सुरक्षा से खिलवाड़ करने के बड़े खुलासे किए गए थे।

आरटीओं ने चलाया अभियान : खबर का प्रकाशन होते ही परिवहन आयुक्त एवं कलेक्टर धार के निर्देशों पर आरटीओ विभाग हरकत में आया। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हृदेश यादव के नेतृत्व में परिवहन उप निरीक्षक दिव्या पाटीदार एवं टीम ने दत्तीगांव टोल क्षेत्र में विशेष सघन जांच अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान 5 बसों में निर्धारित क्षमता से काफी अधिक सवारियां बैठी पाई गईं, जिनसे यात्रियों की जान जोखिम में डाली जा रही थी। जांच में 2 बसें ऐसी मिलीं जिनमें इमरजेंसी गेट, फर्स्ट एड किट और आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपयुक्त नहीं पाए गए। एक बस बिना किसी वैध परमिट के धड़ल्ले से संचालित होती पकड़ी गई, जिस पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की गई। कुल 8 बसों पर चालानी कार्रवाई करते हुए विभाग ने 73 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। यह सभी खामिया भी एक दिन पूर्व ही खबर के माध्यम से प्रकाशित की गई थी।
अधिक किराया वसूलने पर भी पैनी नजर
ओवरचार्जिंग के मुद्दे पर भी आरटीओ अधिकारियों ने बस संचालकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों से निर्धारित रेट लिस्ट से एक भी रुपया अधिक वसूलने पर परमिट निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
अभी भी पूरी तरह नहीं सुधरे हालात
हालांकि की खबर के बाद आरटीओ की इस त्वरित कार्रवाई से बस माफियाओं में हड़कंप जरूर मचा है, लेकिन धार जिले के कई अन्य मार्गों पर अभी भी कई बसें बिना सुरक्षा मानकों के दौड़ रही हैं। जिनकी खबर जल्द की साक्ष्यों के साथ प्रकाशित की जाएगी।
